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पाकिस्तान नार्को टेरर मॉड्यूल से कर रहा घाटी में आतंकियों की मदद, करेंगे ध्वस्त-आईजीपी

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि दक्षिणी कश्मीर में आतंकवाद का लगभग सफाया हो चुका है। अब ध्यान उत्तरी कश्मीर पर दिया जाएगा। एलओसी के पार से आने वाली मदद के नेटवर्क को ध्वस्त करेंगे। घाटी में स्थानीय आतंकियों की भर्ती में करीब 50 फीसदी कमी आ चुकी है। साथ ही कहा कि सभी सरपंचों को सुरक्षा मुहैया करवाना संभव नहीं, जिसे जरूरत है वो पुलिस से संपर्क करे।
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श्रीनगर के पुलिस कंट्रोल रूम में विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल ए सेनगुप्ता और सीआरपीएफ के आईजी राजेश कुमार के साथ मंगलवार को एक सांझी प्रैस कांफ्रेंस में आईजीपी विजय कुमार ने हंदवाड़ा में नार्को टेरर मॉड्यूल को लेकर कहा कि यह पाकिस्तान की ओर से घाटी में आतंकवाद को फंडिंग करने का मुख्य जरिया है। यह ड्रग्स आतंकी संगठनों के मददगार ओजीडब्ल्यू यहां रिसीव करते हैं। उसे देश के अन्य राज्यों में बेचकर उस पैसे से यहां आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में सुरक्षाबलों ने एक मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 21 किलो हेरोइन और 1.35 करोड़ की नकदी पकड़ी थी। साथ ही 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। आईजीपी के अनुसार इस मॉड्यूल ने करीब 5 करोड़ की ड्रग्स अमृतसर में बेची थी और वहां से मिला पैसा यहां पहुंचा था, इसमें से 3.5 करोड़ पहले ही आतंकियों में बांट चुके थे। उन्होंने बताया कि इस मॉड्यूल के पकड़े गए सदस्य एलईटी से संबंधित थे। आगे और गिरफ्तारियों की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उत्तरी कश्मीर में काफी मुठभेड़ें हुई थीं जिसमें करीब 33 आतंकी मारे गए थे। इस वर्ष अभी तक वहां कम ऑपरेशन हो रहे हैं। अगले महीने से अब हमारा ज़्यादा ध्यान उत्तरी कश्मीर पर रहेगा।
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सभी सरपंचों को सुरक्षा देना संभव नहीं, जिसे खतरा है, वे संपर्क करे
दक्षिणी कश्मीर में हाल ही में आतंकियों द्वारा मारे गए सरपंच अजय पंडिता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आईजीपी ने कहा कि उनकी हत्या के पीछे हिज्ब का हाथ था। उमर समेत एक अन्य आतंकी जो हत्या में शामिल था को मार गिराया गया है। वहीं बोमाई सोपोर में महिला सरपंच को अगवा किए जाने की घटना पर कहा कि इसके पीछे आतंकी वलीद और उसके एक अन्य साथी का हाथ है। महिला और उसके घरवालों को सुरक्षा मुहैया करवा दी है। इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि सभी को सुरक्षा देना संभव नहीं और जिसे लगता है कि उसकी जान को खतरा है, वह हमसे संपर्क करे।
इस वर्ष अब तक घाटी में 94 आतंकी मारे गए
दक्षिण कश्मीर के शोपियां में ज्यादा ऑपरेशन के पीछे के कारण को लेकर आईजी ने कहा, यहां पर आतंकियों का ओजीडब्ल्यू नेटवर्क काफी स्ट्रांग था और यहां की भौगोलिक स्थिति भी अलग है। इस जिले के साथ ही कुलगाम, अनंतनाग, पुलवामा, पीर पंजाल रेंज है जिसके चलते आतंकियों के भागने की काफी संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभी तक कश्मीर में कई टॉप कमांडर समेत 94 आतंकी मार गिराए गए हैं। पिछले दो सप्ताह के दौरान 24 आतंकियों को मारा है जिनमें से अधिकतर शोपियां जिले में मारे गए हैं।
आतंकियों के पास हथियारों की कमी नहीं
यह पूछे जाने पर कि क्या आतंकियों के पास हथियारों की कमी हुई है, के जवाब में आईजीपी ने कहा कि उनके पास हथियारों की कमी बिल्कुल नहीं है। पाकिस्तान से हथियार आ रहे हैं। अभी तक हमने करीब 25 एके बरामद की हैं।
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