राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि
- फोटो : बासित जरगर
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शुक्रवार को कारगिल युद्ध के 20 वर्ष पूरे होने पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कारगिल विजय दिवस पर श्रीनगर के बादामी बाग छावनी स्थित सेना के 15वें कोर मुख्यालय में युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए। राष्ट्रपति को सुबह द्रास युद्ध स्मारक पर आयोजित एक समारोह में भाग लेना था लेकिन खराब मौसम के कारण वह वहां नहीं जा सके। प्रतिकूल मौसम के कारण उनका दौरा स्थगित कर दिया गया। श्रीनगर से द्रास तक विमान द्वारा यात्रा के लिए मौसम उपयुक्त नहीं था।
राष्ट्रपति ने आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने लिखा कि कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर मैं कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं। आज हम अपने बहादुर सैनिकों के साहसिक कार्यों को याद करते हैं, उनकी जीत का जश्न मना रहे हैं और अपने महान राष्ट्र की सेवा में खुद को समर्पित करने के अपने संकल्प को दोहराते हैं।
बाद में राष्ट्रपति ने ट्वीट किया कि कारगिल विजय दिवस पर श्रीनगर के चिनार कोर (15 कोर) युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत अपने सशस्त्र बलों के उन योद्धाओं का कृतज्ञ रहेगा, जिन्होंने करगिल युद्ध में भाग लिया और अदम्य वीरता का परिचय देते हुए हमारी संप्रभुता की रक्षा की। जय हिंद। सेना के 15 वें कोर मुख्यालय में राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल सत्यपाल मलिक, राज्यपाल के सलाहकार, सेना कमांडर भी मौजूद थे।
श्रीनगर का पहला दौरा
राष्ट्रपति का श्रीनगर और घाटी का यह पहला दौरा है। इससे पहले दौरे पर वे लद्दाख और जम्मू गए थे। उनके दौरे को लेकर श्रीनगर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
जिला पुलिस लाइनों में भी कार्यक्रम
विजय दिवस मनाने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में जिला पुलिस लाइनों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ऑपरेशन विजय के तहत पाकिस्तान पर मिली भारत की जीत को हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय सैनिकों ने 1999 में आज ही के दिन पाकिस्तानी थल सेना समर्थित घुसपैठियों को खदेड़ कर कारगिल सेक्टर में स्थित पर्वत चोटियों पर फि र से अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था।