बायोमीट्रिक हाजिरी लागू हुआ तो अफसरों, कर्मियों की काहिली भी दूर हो गई है। ज्यादातर अफसर, कर्मचारी वक्त पर आफिस पहुंचने लगे हैं। कम से कम बायोमेट्रिक हाजिरी का रिकार्ड तो यही दर्शा रहा है। गवर्नर रूल लागू होने के बाद बायोमीट्रिक हाजिरी को जरूरी करने की कवायद को मुश्किल से पखवाड़ा भर हुआ है।
लेकिन कार्यालयों में हाजिरी का ग्राफ 45 फीसदी से उछाल लेकर 80 प्रतिशत पर जा पहुंचा है इसमें सिविल सचिवालय समेत अन्य सभी विभाग शामिल हैं। आम लोग अफसरों को वक्त पर कार्यालय में देख खुश हैं। इससे सर्विस डिलीवरी में भी बेहतरी की उम्मीद की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर रियासत में गवर्नर रूल लागू होने के बाद गवर्नर का सबसे पहला कदम सभी सरकारी विभागों में अफसरों, कर्मियों की हाजिरी को दुरुस्त करना था। इसके लिए उन्होंने बायोमीट्रिक हाजिरी के निर्देश जारी किए, साथ ही यह भी कहा कि अगर बायोमीट्रिक हाजिरी न हुई तो सेलरी नहीं मिलेगी।
सभी सरकारी विभागों से हर रोज सुबह सवा दस बजे तक हाजिरी का ब्योरा सामान्य प्रशासन विभाग को भी भेजने को कहा। जम्मू और कश्मीर के डिवकाम से भी हर रोज उनके कार्मिकों की हाजिरी रिपोर्ट भेजने को कहा गया। नतीजा सामने है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बुधवार को हाजिरी को लेकर आंकड़ा जारी किया गया। इससे प्रशासन में वर्कफोर्स प्राडक्टिविटी, कार्यक्षमता और मान संसाधन प्रबंधन में और सुधार आने की संभावना जताई जा रही है।