गांधीनगर अस्पताल में बुधवार को एक गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत पर घर वालों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि इलाज में कोताही बरती गई। महिला की खराब हालत को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अस्पताल पहुंचने पर महिला ने करीब आधे घंटे के भीतर ही दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य निदेशालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। बताया जाता है कि मृतक पांच माह से गर्भवती थी।
बुधवार दोपहर करीब दो बजे चट्ठा निवासी रविंद्र कौर (25) को गांधीनगर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया। उसे सीधे इमरजेंसी पहुंचाया गया। इस बीच महिला की हालत और खराब हो गई।
स्वास्थ्य निदेशालय ने जांच के आदेश दिए
रविंद्र सिंह का आरोप था कि महिला को अस्पताल में लाने के बावजूद उसे समय पर इलाज नहीं दिया गया। डाक्टरों को कई बार पीड़ित की खराब हालत के बारे में बताया गया लेकिन लेटलतीफी के चक्कर में उसने दम तोड़ दिया।
इस पर गुस्साए घर वालों और रिश्तेदारों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में भीड़ जुट गई, जिसके बाद पुलिस को भी बुला लिया गया।
घरवालों का आरोप था कि गंभीर मरीजों की हालत को सामान्य में लिया जाता है जो उनकी मौत का कारण बन रही है। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद घर वाले शव को साथ ले गए। फिलहाल अस्पताल प्रशासन को घर वालों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
'महिला की हालत पहले से ही गंभीर थी'
स्वास्थ्य निदेशक डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार उपनिदेशक हेडक्वार्टर डा. गुरजीत सिंह और डा. अजय गुप्ता ने मौके पर जाकर जांच की और प्राइमरी रिपोर्ट में महिला की मौत का कारण हाई ब्लड प्रेशर होना पाया गया है।
मामले में वीरवार को जांच कमेटी बिठाई जाएगी, जिसमें गायनोकोलाजिस्ट भी शामिल होगा। गांधीनगर अस्पताल के अधीक्षक डा. यूनुस चौधरी के अनुसार महिला को 8-10 मिनट के भीतर इमरजेंसी से लेबर रूम तक पहुंचा दिया गया था।
अस्पताल पहुंचने पर उसका ब्लड प्रेशर 180/120 था, जो सामान्य से काफी ज्यादा था और उसकी हालत गंभीर थी। महिला को तीन डाक्टरों ने देखा लेकिन उसकी हालत पहले से ही खराब होने के कारण उसकी मौत हो गई। स्त्री विशेषज्ञ के अनुसार महिला के पेट में पल रहे बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी थी, जिससे आशंका है कि तनाव के कारण महिला का ब्लsड प्रेशर सामान्य से कई गुणा अधिक बढ़ गया।