उमर अब्दुल्ला सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को मंत्रियों में विभागों के बंटवारे पर मुहर लगा दी। पुराने मंत्रियों के विभागों में काफी फेरबदल और है। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से खनन, जावेद अहमद राणा से जलशक्ति, जाविद अहमद डार से पंचायती राज और सकीना इत्तू से शिक्षा वापस ली गई है। नए मंत्रियों को कई अहम महकमों की कमान सौंपी गई है।
जावेद अहमद डार को प्रदेश की आर्थिक धुरी माने जाने वाले वित्त मंत्रालय के साथ कृषि उत्पादन और खनन की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वित्त विभाग पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पास था। वरिष्ठ नेता अली मोहम्मद सागर को राजस्व, कानून और विद्युत विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।
उपराज्यपाल सचिवालय लोक भवन के आधिकारिक आदेश के तहत ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स, 2019 के प्रावधानों का पालन करते हुए सभी मंत्रियों को उनके संबंधित मंत्रालयों का प्रभार सौंपा गया है।
मंत्रियों को मिले विभाग
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी : लोक निर्माण (आर एंड बी), उद्योग एवं वाणिज्य, श्रम एवं रोजगार तथा कौशल विकास विभाग।
जाविद अहमद डार: कृषि उत्पादन, वित्त, खनन और सहकारिता विभाग।
अली मोहम्मद सागर : राजस्व, बिजली विकास, कानून, न्याय एवं संसदीय कार्य तथा चुनाव विभाग।
सकीना इत्तू : स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग।
शमीमा फिरदौस : स्कूली शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग तथा जल शक्ति विभाग।
अल्ताफ अहमद वानी कालूः वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग।
मीर सैफुल्लाह : योजना विकास एवं निगरानी विभाग, संस्कृति, युवा सेवा एवं खेल और प्रशासनिक सुधार विभाग।
जावेद अहमद राणा : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, जनजातीय कार्य तथा परिवहन विभाग।
शेष विभाग उमर के पास मंत्रियों को
आवंटित करने के बाद शेष रह गए सभी विभाग मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपने पास रहेंगे।