'करीब 20 मिनट तक गोलीबारी होती रही। गोलियों की आवाज सुनकर मेरे बच्चे रोने लगे। हम डर गए थे। मुझे बाद में पता चला कि यह गोलीबारी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई है। इसमें हमारे कुछ सैनिक घायल हो गए और उनमें से एक ने बाद में दम तोड़ दिया। ये बातें पुंछ के जारन वाली गली इलाके में रहने वाले स्थानीय नागरिक असगर ने बताईं।
उन्होंने आगे कहा, 'विशेष रूप से यह नहीं कह सकता कि वहां कितने आतंकवादी थे क्योंकि मैं उन्हें घने जंगलों के कारण नहीं देख सका।' उन्होंने कहा कि यह इस इलाके में इस तरह की पहली मुठभेड़ थी।
असगर ने कहा, "मैं हर रोज अब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भयभीत रहता हूं। हमले के बाद से इस दूरदराज के इलाके में रोज की आवश्यक आपूर्ति वाले वाहनों ने भी आना बंद कर दिया है। इससे हमें अपनी दैनिक आपूर्ति के बारे में अधिक चिंता हो रही है। चूंकि मैं रात की ड्यूटी पर रहता हूं, इसलिए मुझे अपनों की सुरक्षा का और भी अधिक डर है। सुरक्षाबल हर जगह तलाश कर रहे हैं। उम्मीद है जल्द शांति कायम हो।'