रात के अंधेरे में तवी नदी में मलबे के ढेर लगाए जा रहे हैं। तवी के बीचोबीच मलबे का इक्ट्ठा करके रखा गया है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों की ओर अपने निजी निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे को भी तवी नदी में फेंकवा दिया जा रहा है। इसके अलावा भगवती नगर डंपिंग साइट की ओर जा रही सड़क किनारे पर भी मलबे के ढेर लगे हैं।
सड़क किनारे लगने वाले इन ढेर की वजह से गंदगी फैलने लगी है। जिस कारण बीमारियां फैलने की आशंका बन रही है। कुछ जगह पर निजी निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं वहां ठेकेदारों की ओर से रात के अंधेरे में मलबे के ढेर तवी नदी में लगवा दिए जा रहे हैं।
हरकी पौढ़ी मंदिर के सामने तवी नदी के सूखे हिस्से में भी मलबे के ढेर सर्कुलर रोड से गुजरने समय देखे जा रहे हैं। पीएचई मंत्री चौधरी सुखनंदन कुमार ने भी तीन सप्ताह पहले कृत्रिम झील का दौरा किया था, उस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को तवी नदी में मलबा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन करने की बात कही थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
इसके बाद नगर निगम के संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) आरएस जम्वाल ने भगवती यात्री निवास से आगे रोड किनारे लगाए मलबे के ढेर को देखते हुए नाके लगाने की बात कही थी, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं हुआ।
हाल ही में निगम आयुक्त मंदीप कौर ने शहर के सरवाल और रिहाड़ी इलाके में मलबा फेंकने वाले तीन घरों के चालान किए हैं। जेसीए आरएस जम्वाल के मुताबिक मलबा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।