गांव सोहवरा (कुंजवानी) में औद्योगिक इकाई द्वारा प्रदूषण फैलाए जाने के संबंध में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के सचिव को आदेश दिए कि पूर्व में दी गई रिपोर्ट के संबंध में अतिरिक्त हलफनामा पेश करें।
समाजसेवी अत्तर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रिहायशी इलाके में औद्योगिक इकाइयों को खोलने की अनुमति देने का विरोध किया था। साथ ही इन इकाइयों से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए उस पर रोक लगाने की मांग की थी।
याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस एमएम कुमार और जस्टिस ताशी राबस्तन ने पाया कि पीसीबी की ओर से पेश रिपोर्ट में कहा गया कि इलाके में एक चावल मिल है, जिसे औद्योगिक विभाग और पीसीबी की ओर से मंजूरी मिली हुई है।
इकाई की मंजूरी एक अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2016 तक है। पीसीबी सचिव ने कहा है कि उक्त मिल तक जाने वाली सड़क के पास कुछ घर हैं। लेकिन मिल उन घरों से काफी दूर है। इससे वायु और ध्वनि प्रदूषण नहीं होता है।
इस पर खंडपीठ ने कहा कि पीसीबी ने औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए पैरामीटर का खुलासा नहीं किया है कि इकाई और रिहायशी इलाके में कितनी दूरी है। खंडपीठ ने पीसीबी को निर्देश दिए कि इस संबंध में तीन सप्ताह के अंदर अतिरिक्त हलफनामा दायर कर रिपोर्ट पेश करें।