आतंकी बुरहान वानी के भाई खालिद की मौत का मुआवजा देने की प्रशासनिक प्रक्रिया पर रियासत में सियासत एकाएक गर्मा गई है। उधमपुर से निर्दलीय विधायक पवन गुप्ता ने पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को देश की सुरक्षा और एकता के लिए खतरा बताते हुए रियासत में राज्यपाल शासन लागू करने की मांग कर दी है।
वहीं कांग्रेस ने भी पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। इस मामले में धरना प्रदर्शनों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। पूर्व मंत्री एवं विधायक पवन गुप्ता ने बुधवार को जम्मू में पत्रकार वार्ता में आतंकी बुरहान वानी के भाई की मौत पर मुआवजे के तौर पर चार लाख की राशि परिवार को देने के पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के प्रस्ताव को देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को मिलने वाले धन पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी की है, लेकिन जम्मू कश्मीर में भाजपा की सरकार उल्टे आतंकवादियों के परिवार को चार लाख रुपये की सहायता राशि और नौकरी मुहैया करवा रही है।