भाजपा और पीडीपी सरकार के पहले बजट को कांग्रेस ने चला हुआ पटाखा करार दिया। द्राबू के बजट को दो शब्दों में नम पटाखा कहा जा सकता है।
विपक्ष के नेता नवांग रिगजिन जोरा ने कहा कि बजट में लद्दाख खित्ते के लिए कुछ नहीं है, जबकि बजट शुरू होने से पहले राज्यपाल के अधिभाषण में राज्य के तीनों खित्तों का समान विकास करने का वादा किया गया था।
जोरा ने कहा कि अगर लद्दाख को छोड़ भी दिया जाए तो जम्मू और कश्मीर के खाते में भी कुछ नहीं आया। लोगों ने बजट से खासी उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन उम्मीदों के मुताबिक नहीं आया।
राज्य में उद्योग, पर्यटन को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई। खुद वित्त मंत्री ने कहा कि हमारा राजस्व 10 हजार करोड़ है और खर्चा 30 हजार करोड़।
जम्मू, कटड़ा, श्रीनगर और अनंतनाग को स्मार्ट सिटी बनाने का ऐलान किया गया, लेकिन राज्य की तीसरी सबसे अहम सिटी लेह को छोड़ दिया गया।
पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के पहले बजट को विपक्षी दलों कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस ने हवा-हवाई बताया है। वहीं सत्तापक्ष पीडीपी और भाजपा ने आम बजट रियासत को आर्थिक तौर पर तरक्की की राह पर ले जाने वाला बताया है।
बजट मात्र गुलाबी आंकड़े: तारिगामी
सीपीआई (एम) के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने सरकार के बजट को गुलाबी आंकड़े बताते हुए कहा कि इसमें कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। बजट से आम जनता को कोई राहत नहीं मिली। बजट पूरी तरह से निंदनीय है। बेरोजगारी, कृषि, बागवानी, हथकरघा, डेलीवेजरों, आंगनबाड़ी वर्करों, आशा वर्कर, एसपीओ, नंबरदारों, गुर्जर बक्करवाल आदि के लिए बजट में कुछ नहीं रखा गया।
बेरोजगारी रियासत का सबसे बड़ा मुद्दा है, इसे सुलझाने के लिए कोई व्यापक योजना नहीं बनाई गई। युवाओं के लिए सरकार कोई योजना नहीं लेकर आई। बाढ़ में कृषि और आम लोगों के तबाह हुए घरों की तरफ ध्यान नहीं दिया। तमाम सेक्टरों के लिए सरकार ने कोई योजना नहीं बनाई, जिससे इनको विकसित किया जा सके और इनमें बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके।
पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता एवं शिक्षा मंत्री नईम अख्तर का कहना है कि पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार को खाली खजाना मिला। इसके बावजूद बजट में हर वर्ग का ख्याल रखने का प्रयास किया गया है। बजट को वित्त मंत्री ने बेहतर तरीके से पेश किया है।
जनता पर भारी पड़ेगा बजट
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता एवं एमएलसी रविंद्र शर्मा का कहना है कि बजट असंतुलित है और जम्मू के हितों की अनदेखी की गई है। उनका कहना है जम्मू में केवल बासमती विलेज मिला है, जबकि कश्मीर में एप्पल विलेज, फूड पार्क, केसर विलेज दिए गए हैं। उनका कहना हैं कि जम्मू संभाग में राजमा विलेज भी दिया जा सकता था। उनका कहना है कि सर्विस टैक्स और टोल टैक्स बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी।
नेशनल कांफ्रेंस के महासचिव एवं विधायक अली मोहम्मद सागर ने भी भाजपा-पीडीपी के पहले बजट को रूटीन बजट बताते हुए कहा कि कर्मचारियों से लेकर किसानों तक को सब्जबाग ही दिखाए गए हैं। उनका कहना है कि अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए हाई पावर कमेटी के गठन जैसी हवा-हवाई बातें की गई हैं।
भाजपा के विधायक सत शर्मा सीए का कहना है कि बजट के माध्यम से रियासत को आर्थिक तरक्की की राह पर अग्रसर करने की नई शुरुआत की गई है। बेटियों के लिए नई स्कीम के अलावा अर्र्थ यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद भी की गई है।