सांबा। अब भारत का अगला मिशन मुजफ्फराबाद में तिरंगा फहराने का है। गुपकार गठबंधन कश्मीर में अनुच्छेद 370 को वापस लाने की बात कर रहा है, लेकिन हमारा लक्ष्य तो पीओके हासिल करना है। यह बातें जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रभारी तरुण चुघ ने शुक्रवार को सीमावर्ती कस्बा राजपुरा में एक सभा में कही।
चुघ ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला व पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर भी कटाक्ष किया। कहा कि दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर को अपनी जागीर बना ली थी। जिन हाथों में कलम होनी चाहिए थी उनके हाथों में बंदूक पकड़ा दीं। वेस्ट पाकिस्तान के विस्थापितों को वोट का अधिकार तक नहीं दिया गया। उनके बच्चों को सरकारी नौकरियां तक की सुविधा नहीं थी। जम्मू-कश्मीर की बेटी यदि बाहरी राज्य में शादी कर ले तो उसे अधिकारों से वंचित कर दिया जाता था। प्रधानमंत्री मोदी ने एक साहसिक कदम उठा कर लोगों की सुविधा के लिए काम किया है। महबूबा ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में तिरंगा पकड़ने वाला नहीं मिलेगा, लेकिन महबूबा को नहीं मालूम कि तिरंगा उन्हें भी पकड़ना ही पडे़गा। इस अवसर पर युद्धवीर सेठी, रछपाल वर्मा, गीता भगत भी उनके साथ थे।