- भाजयुमो अध्यक्ष ने किया जेकेएसएसबी कार्यालय के घेराव का ऐलान
- कहा - 70 फीसदी युवाओं को बाहर करना संविधान का खुला उल्लंघन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष अरुण प्रभात ने नायब तहसीलदार भर्ती में उर्दू को अनिवार्य करने को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। त्रिकुटा नगर स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने इसे संविधान विरोधी और बहुसंख्यक अभ्यर्थियों के साथ भेदभावपूर्ण करार दिया।
अरुण प्रभात ने कहा कि भर्ती की शर्तें इस तरह रखी गई हैं कि लगभग 70 फीसदी युवा इसमें हिस्सा नहीं ले सकें। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार कैसे ऐसे नियम बना सकती है जो इतने बड़े वर्ग को बाहर कर दें। उन्होंने आरोप लगाया कि उर्दू को राजस्व मामलों और भर्ती परीक्षा से जोड़ना जम्मू संभाग को अंधेरे में रखने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से युवा सड़कों पर विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया, जो उसकी मंशा को उजागर करता है उन्होंने जेकेएसएसबी कार्यालय के घेराव का ऐलान किया और गैर-उर्दू पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों से इस पद के लिए आवेदन करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि भाजपा उनके अधिकारों की लड़ाई अंत तक लड़ेगी।
पाकिस्तान का एजेंडा चलाना चाहती हैं महबूबा मुफ्ती
अरुण प्रभात ने 13 जुलाई को सरकारी छुट्टी घोषित करने की मांग को भी अलगाववादी सोच का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस एक बार फिर पुरानी मानसिकता को बढ़ावा दे रही है। धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान पूरी तरह लागू है। महबूबा मुफ्ती पाकिस्तान का एजेंडा चलाना चाहती हैं, लेकिन इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अरुण ने स्पष्ट किया कि भाजयुमो ऐसा कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं करेगा जो आतंकवाद या तुष्टीकरण की राजनीति को ताकत दे।