उपराज्यपाल स्कास्ट चठ्ठा में कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए।
मीरा साहिब। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को बाबा जित्तो ऑडिटोरियम, एसकेयूएएसटी जम्मू में आयोजित ‘जम्मू-कश्मीर सांस्कृतिक महोत्सव’ में भाग लिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर कर सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा पर जोर दिया।
श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि भी उपस्थित थे। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर के सांस्कृतिक मूल्यों और भाषाई विरासत को बढ़ावा देने और प्रचारित करने के लिए श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान और ट्रस्ट से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठनों और व्यक्तियों को भारत के कालातीत ज्ञान और मूल्य प्रणालियों को संरक्षित करने और फैलाने के लिए आगे आना चाहिए ताकि अधिक सामंजस्यपूर्ण और प्रबुद्ध समाज को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और अपनी सभ्यता के प्राचीन ज्ञान का प्रसार करने के लिए पीढ़ियों को एक साथ लाना चाहिए। उपराज्यपाल ने युवाओं, धार्मिक संगठनों और नागरिक समाज के सदस्यों से प्राकृतिक विरासत, सांस्कृतिक विरासत और जीवंत विरासत के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत के विजन को साकार करने में हमारे वैज्ञानिकों, कलाकारों और अध्यात्मवादियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उपराज्यपाल ने हर वर्ग, खासकर युवा पीढ़ी से सतत जीवन शैली के ब्रांड एंबेसडर बनने और धरती माता के प्रति अपने कर्तव्यों के बारे में समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया, एक वृत्तचित्र फिल्म का प्रदर्शन किया गया और उपराज्यपाल के जीवन पर महंत रोहित शास्त्री की ओर से संपादित ‘अभिनंदन ग्रंथ’ नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। महोत्सव के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और लोक नृत्यों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसकेयूएएसटी-जम्मू के कुलपति प्रो. बी. एन. त्रिपाठी, विधायक शाम लाल शर्मा, समाज कल्याण आयुक्त सचिव संजीव वर्मा, श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री, वरिष्ठ अधिकारी, धार्मिक प्रमुख और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।