जम्मू। पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर कद्दावर नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने का असर आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर पर भी पड़ सकता है। ज्योतिरादित्य के फैसले के बाद उनके बहनोई व कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह के भावी कदमों को लेकर अटकलों का बाजार गरम हो गया है। सिंधिया परिवार और जम्मू - कश्मीर का पूर्व राज परिवार करीबी रिश्तेदारी के कारण एक दूसरे के राजनीतिक हितों का ध्यान रखते रहे हैं। हालांकि इस बारे में कई बार संपर्क करने पर विक्रमादित्य से बात नहीं हो पाई।
पूर्व सदर-ए-रियासत डॉ. कर्ण सिंह के बड़े पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने ज्योतिरादित्य के पार्टी छोड़ने के बाद जिस ढंग से ट्वीट किए हैं, उससे चर्चाओं का बाजार गरम है। गत दिवस जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया था तो अपनी प्रतिक्रिया में कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने को पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा। उनकी पार्टी के भीतर लगातार उपेक्षा की जा रही थी।
-ज्योतिरादित्य को पार्टी के लोगों ने ही पीछे धकेलने की कोशिश की
उन्होंने अपने ट्विट में लिखा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपनी ही पार्टी के लोगों ने पीछे धकेलने की कोशिश की। दूसरे ट्विट में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपना एक कद्दावार युवा नेता खो दिया है,यह दुखद है।