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जम्मू। नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने जम्मू के राजनीतिक, सामाजिक संगठनों के साथ गणमान्य नागरिकों, कानून, बुद्धिजीवी, व्यापारी, उद्योग सहित अन्य दूसरे अन्य वर्ग से जुड़े लोगों से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संसद से लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इसे राज्य ही बनाए रखने की मांग की है।
देवेंद्र राणा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने कभी भी केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग नहीं की। जम्मू-कश्मीर की पहचान को कायम रखने के लिए डोगरों ने कुर्बानियां दी हैं और इस पहचान को आज मिटाया जा रहा है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पार्टी का पूरा समर्थन है और वह हर स्तर पर साथ खड़ी है। शेर-ए-कश्मीर भवन में बुधवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए राणा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने से राज्य के लोग खुद को मनोवैज्ञानिक स्तर पर ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दलों को राजनीति से ऊपर उठकर जम्मू-कश्मीर के हितों के लिए बात करनी चाहिए। महाराजा गुलाब सिंह ने जम्मू-कश्मीर की पहचान को कायम रखा था। भारत का ताज कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर के संरक्षण के लिए डोगरों ने अपनी कुर्बानियां दी हैं।
बीडीसी चुनाव में राज्य के लोगों ने विरोध जाहिर किया है। लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के साथ जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बरकरार रखा जाए। इससे राज्य के तीनों खित्तों में समान विकास होगा। राणा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपप्रधान उमर अब्दुल्ला अभी भी नजरबंद हैं। पार्टी की कार्यकारी कमेटी की बैठक में ही भविष्य के लिए कोई फैसला लिया जाएगा। उन्होंने घाटी में गैर कश्मीरी मजदूरों की आतंकियों द्वारा की गई हत्याओं की निंदा की। उन्होंने आतंकी हमलों में मारे गए ट्रक चालकों को उचित अनुग्रह राशि देने की मांग की। सरोर टोल प्लाजा को शीघ्र बंद किया जाए।
इस दौरान सुरजीत सिंह सलाथिया, जावेद राणा, रतन लाल गुप्ता, ठाकुर रछपाल सिंह, शेख बशीर अहमद आदि मौजूद रहे।