- नेकां प्रमुख ने फिर अलापा पाकिस्तान से बातचीत का राग
श्रीनगर। पुंछ में वायुसेना के काफिले पर हमला यह बताता है कि जम्मू-कश्मीर में अभी आतंकवाद खत्म नहीं हुआ है। यह बात रविवार को नेशनल नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कही। उन्होंने आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए बड़ा खतरा है। कहा कि केवल भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत ही आतंकवाद के खतरे को समाप्त कर सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, मोदी सरकार का दावा था कि अनुच्छेद 370 आतंकवाद के लिए जिम्मेदार था, लेकिन पांच अगस्त, 2019 को इसके निरस्त होने के बाद भी आतंकवाद जिंदा है। आतंकी हमले पिछले कई महीनों से पुंछ-राजोरी को प्रभावित कर रहे हैं और ये क्षेत्र अशांत हैं। इससे पहले राजोरी, सुरनकोट और अन्य निकटवर्ती इलाकों में भी कई आतंकी घटनाएं हुई हैं। डॉ. फारूक ने बलिदानी को श्रद्धांजलि अर्पित की और घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच शीत युद्ध इसके लिए जिम्मेदार है। जब तक दोनों देश बातचीत की प्रक्रिया शुरू नहीं करते और इस मुद्दे का समाधान नहीं ढूंढते, तब तक यह नहीं रुकेगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं पर विचार करना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन वे हमारे लोगों की भावनाओं के साथ खेलते रह रहे हैं।