अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आरक्षण को लेकर सियासत जारी है। बीते दिन पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और पीपुल्स काॅन्फ्रेंस के विरोध के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कटाक्ष किया। उमर ने कहा कि आरक्षण पर सब सही समय पर पूरा हो रहा है। अगर उन्हें समय बर्बाद करना होता तो उप समिति को छह महीने की मोहलत और दे देते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट उप समिति ने समय पर अपना काम पूरा किया है। इस रिपोर्ट पर सरकार ने विधि विभाग की राय मांगी है। राय मिलने के बाद रिपोर्ट पर अगली प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह पहली बार है, जब इस तरह की प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को राब्ता कार्यालय के उद्घाटन मौके पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन आरक्षण को लेकर राजनीति कर रहे हैं। जब उनके (महबूबा मुफ्ती) पास मौका था, तब उन्होंने भर्ती में आरक्षण का मुद्दा क्यों नहीं उठाया। अब्दुल्ला ने कहा कि जब महबूबा मुफ्ती को वोटों की जरूरत थी, तो उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों को आरक्षण के बारे में बात करने से भी सख्ती से मना कर दिया था। महबूबा मुफ्ती अनंतनाग से चुनाव लड़ रही थीं और राजोरी-पुंछ से वोटों की जरूरत थी। तब उन्होंने आरक्षण के बारे में बात नहीं की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन पांच साल तक महबूबा मुफ्ती की सरकार के करीब थे, जबकि उन्हें सरकारी घरों से बेदखल कर दिया गया और सुरक्षा कम कर दी गई। फिर भी वह सरकारी घर में बैठे थे। उन्होंने तब आरक्षण के बारे में बात क्यों नहीं की। उमर ने कहा कि नेकां सरकार ने छह महीने के भीतर आरक्षण रिपोर्ट पेश कर दी है।