जूनियर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के अगले मुख्यमंत्री बनने को तैयार, आज कांग्रेस के साथ बैठक के बाद समर्थन पत्र प्राप्त करेंगे
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस की वीरवार को हुई पार्टी के निर्वाचित सदस्यों की बैठक में उमर अब्दुल्ला को अध्यक्ष चुना गया। इससे साफ है कि उमर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। उमर अब कांग्रेस से समर्थन पत्र प्राप्त करेंगे और अपने विधायकों के साथ सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मिलेंगे।
वीरवार दोपहर साढ़े 12 बजे श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में शुरू हुई विधायक दल की बैठक दो बजे संपन्न हुई। इसमें नेकां के सभी निर्वाचित सदस्यों के साथ चार निर्दलीय जीते प्रत्याशी भी शामिल हुए। इनमें इंद्रवल से निर्दलीय प्यारे लाल, छंब से सतीश शर्मा, सुरनकोट से चौधरी अकरम और बनी से रामेश्वर सिंह थे। इन चारों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन पत्र सौंपा। नेकां के पास अब 46 निर्वाचित सदस्य हैं और पार्टी के पास कांग्रेस के बिना अकेले सरकार बनाने के लिए बहुमत है। हालांकि पार्टी शुक्रवार को कांग्रेस के साथ बैठक कर उनके समर्थन पत्र हासिल कर राजभवन जाकर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के समक्ष सरकार बनाने का अपना दावा पेश करेगी।
बैठक में मौजूद नेकां नेता ने बताया कि नेकां-कांग्रेस गठबंधन शनिवार तक सरकार बनाने का दावा पेश करेगा। उन्होंने कहा, शुक्रवार को कांग्रेस के साथ बैठक है। सबसे पहले उनका समर्थन हासिल किया जाएगा। बैठक में सभी निर्वाचित सदस्यों ने एकजुट रहने और लोगों के कल्याण के लिए काम करने तथा हाल ही में संपन्न चुनावों में नेकां को बहुमत देने वाले लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की शपथ ली।
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बैठक के बाद इंद्रवल से निर्वाचित विधायक प्यारे लाल ने कहा, हमने सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन पेश किया है। यह पूछे जाने पर कि आप नेकां में थे, लेकिन निर्दलीय चुनाव लड़ा, प्यारे लाल ने कहा, मेरी रगों में नेकां है। गठबंधन के कारण वहां जो वोट आया, 22 साल से वहां कांग्रेस का कब्जा था। जब हमने मेहनत की तो करीब 19 हजार वोट कांग्रेस को दिलाए। कांग्रेस ने दावा किया वोट उनके कारण पड़े हैं। जीएम सरूरी भी एक कारण हैं, वह 22 साल से वहां थे। मेरा टिकट रद्द करवाने में उसका हाथ था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का निर्णय हमारे अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला का है। हम सरकार का हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे।
कुछ नेताओं से बातचीत ...
तनवीर सादिक : हम अपने वादों पर कायम रहेंगे। आज हमारी पार्टी की बैठक है और कल हम नेता चुनेंगे। जम्मू-कश्मीर को एक मजबूत और जीवंत नेतृत्व की आवश्यकता है और मुझे नहीं लगता कि उमर अब्दुल्ला से बेहतर कोई और हो सकता है।
हसनैन मसूदी : सरकार बनने के साथ ही हम अनुच्छेद-370 की बहाली पर काम करना शुरू कर देंगे। हम उन सभी वादों को पूरा करेंगे जो एनसी ने अपने पार्टी घोषणापत्र में किए थे।
फारूक अहमद शाह : लोगों ने एनसी पर भरोसा दिखाया है। हम अपने नेताओं के सुझावों पर कायम रहेंगे। जम्मू-कश्मीर को एक मजबूत और प्रभावी सरकार की आवश्यकता है। यूटी सरकार की शक्तियों के बारे में, शाह ने कहा कि हम अनुच्छेद-370 की बहाली और अगस्त-2019 में छीने गए लोगों के अधिकारों के लिए लड़ेंगे।
जावेद अहमद बेग : चूंकि लोगों ने एनसी पर भरोसा दिखाया है, इसलिए हम अपने युवाओं को रोजगार देने पर काम करेंगे। हम उन मुद्दों पर भी काम करेंगे जो अनुच्छेद-370 के निरस्त होने के बाद भी अनसुलझे रह गए हैं। एनसी उन सभी वादों को पूरा करेगी जो पार्टी के घोषणापत्र में उल्लेखित थे।
सुरिंदर चौधरी: लोगों ने उनके खिलाफ मतदान करके 2019 के भाजपा के फैसले को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के लगभग हर पहलू की उपेक्षा की है और लोगों ने उन्हें हराकर वोटों से जवाब दिया है। इसने पीर पंचाल क्षेत्र की भी उपेक्षा की है। मैंने भाजपा के रविंदर रैना को 7819 वोटों से हराया है। रैना भाजपा के राज्य के व्यक्ति थे। भाजपा के प्रमुख व्यक्ति को खारिज करने से यह स्पष्ट है कि लोग क्या उम्मीद करते हैं और क्या चाहते हैं।
शमीमा फिरदौस: लोगों ने एनसी में जो विश्वास दिखाया है, वह मुझे उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए प्रेरित करेगा। आज की पार्टी की बैठक में, देखते हैं कि हमारे अध्यक्ष क्या कहते हैं और क्या निर्णय लेते हैं। हम जनता से किए गए सभी वादे पूरे करेंगे।