डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने धर्म के नाम पर विभाजन पैदा करने वाली पार्टियों पर निशाना साधा है। कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए को रद्द करना सरकार की एक बड़ी भूल थी। रविवार को पलोड़ा में पार्टी की जनसभा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे आजाद ने विभाजनकारी राजनीति पर विकास के एजेंडे को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यदि डीपीएपी सत्ता में आती है तो वे नौकरी और भूमि अधिकारों को बहाल करने की दिशा में काम करेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी गैर प्रांतीय व्यक्ति जम्मू-कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सके या नौकरी न ले सके।
आजाद ने सभी लोगों के कल्याण के लिए काम करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा सीएम के रूप में मैंने कभी भी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया। जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में परियोजनाएं शुरू करने के अपने ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि क्षेत्र में समान भूमि वितरण और विकास के लिए काम किया जाएगा।
राजनीति से ऊपर उठकर विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी जाएगी। जनसभा में पूर्व मंत्री जीएम सरूरी, महासचिव आरएस चिब, अनीता ठाकुर, प्रांतीय अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा, महासचिव विनोद मिश्रा, प्रमुख प्रवक्ता सलमान निज़ामी, एडवोकेट महेश्वर सिंह प्रांतीय महासचिव, सचिव सुनीता अरोड़ा, जोनल अध्यक्ष चौधरी गारू राम, सचिव हीरा लाल अबरोल, जोनल अध्यक्ष पीआर मन्हास, सुभाष गुप्ता प्रांतीय वीपी, अशोक शर्मा प्रांतीय वीपी, जिला अध्यक्ष गौरव चोपड़ा, अशोक भगत, सोबत अली, प्रभा सलाथिया, अनूप खजूरिया, विशाल चोपड़ा, प्रभा सलाथिया, कीर्तन सिंह, फातिमा फारूक, शेख जफरुल्लाह और कुलवंत सिंह चिब, राजिंदर सिंह पिंकी, आशुतोष रैना, कमलप्रीत सिंह, संजय मन्हास आदि मौजूद रहे।