- स्क्रीनिंग समिति ने लोकसभा सीट बंटवारे और संभावित प्रत्याशियों के नामों पर किया मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कांग्रेस जम्मू, उधमपुर और अनंतनाग लोकसभा संसदीय सीट पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। जम्मू में शुक्रवार को करीब छह घंटे की हुई एआईसीसी स्क्रीनिंग समिति लोकसभा चुनाव 2024 की मैराथन बैठक में प्रदेश की जम्मू, उधमपुर, अनंतनाग, श्रीनगर और बारामुला सीट के लिए संभावित प्रत्याशियों के नामों के साथ सीट बंटवारे पर मंथन किया गया। एआईसीसी स्क्रीनिंग समिति के चेयरमैन व कांग्रेस के पूर्व सांसद भक्त चरण दास ने राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक, राय और सुझाव लिए। बैठक में देरी से पहुंचे एआईसीसी प्रभारी जम्मू-कश्मीर मामलों भरत सिंह सोलंकी के अलावा एआईसीसी सह-प्रभारी मनोज यादव ने भी चर्चा की। हालांकि सीटों पर अंतिम फैसला पार्टी हाई कमान को लेना है।
दास ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और लोकसभा चुनाव के संयोजकों के साथ सामूहिक बैठक करने के अलावा सभी को बारी बारी बुलाकर उनकी राय जानी और सुझाव लिए। पार्टी सूत्रों के अनुसार उधमपुर लोस सीट के लिए पूर्व सांसद व डोगरा स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष चौधरी लाल सिंह को मैदान पर उतारने पर राय दी गई। इससे पहले भी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता चौधरी लाल सिंह से मिल चुके हैं। वहीं, जम्मू सीट पर कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। हालांकि दोनों ही सीटों पर कई अन्य वरिष्ठ नेता भी कतार में हैं। समिति ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व विशेषकर प्रदेश चुनाव समिति (पीईसी) के सदस्यों के साथ प्रत्येक लोकसभा सीट पर पार्टी की संभावनाओं और जम्मू-कश्मीर में लोकसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों के मुद्दों पर बात की। इसमें इंडिया गठबंधन से सीट बंटवारे पर रास्ता खुला रखा गया है। दास ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग उन्हें लोकतंत्र से वंचित करने, चुनाव न कराने और राज्य का दर्जा कम करने के लिए भाजपा से तंग आ चुके हैं। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी, कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला, पूर्व उप मुख्यमंत्री तारा चंद, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष पीरजादा मोहम्मद सईद, योगेश साहनी, मूलाराम, रिकी डलोत्रा आदि मौजूद रहे। वहीं, भरत सिंह सोलंकी अगले तीन दिनों तक अन्य कई बैठकें करेंगे। वह शनिवार को मीरां साहिब में पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने की सरकार की नीयत नहीं लग रही : कांग्रेस
जम्मू। एआईसीसी स्क्रीनिंग समिति लोकसभा चुनाव 2024 के चेयरमैन और कांग्रेस के पूर्व सांसद भक्त चरण दास ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि केंद्र सितंबर के अंत तक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराएगा। सरकार को केंद्र शासित प्रदेश में बहुप्रतीक्षित चुनाव कराकर लोकतंत्र, लोगों की भावनाओं और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का सम्मान करना चाहिए। दास शुक्रवार को जम्मू में स्क्रीनिंग समिति की बैठक से पहले पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे।
पूर्व सांसद भक्त चरण दास लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सिफारिश करने के लिए क्लस्टर-चार स्क्रीनिंग कमेटी के प्रमुख हैं। 26 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर प्रदेश चुनाव समिति की हुई बैठक से पहले प्रेसवार्ता में दास ने कहा कि अगर सरकार चाहे तो जम्मू-कश्मीर में दोहरे चुनाव करवाए जा सकते हैं, लेकिन ऐसा लग नहीं रहा। सरकार ने कई जगहों पर लोकतंत्र का सम्मान नहीं किया है। लेकिन यह अच्छा होगा अगर वह यहां विधानसभा चुनाव कराए। केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों के एक सवाल में दास ने कहा कि पिछले महीने कांग्रेस ने लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सिफारिश करने के लिए पांच स्क्रीनिंग समितियों की घोषणा की थी। पार्टी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पांच समूहों में बांटा है। क्लस्टर-चार स्क्रीनिंग समिति लगभग पूरे उत्तर भारत को कवर कर रही है। हमने प्रदेश कांग्रेस के साथ पहले दौर की बातचीत की है और आज हमने कुछ तकनीकी बातों पर चर्चा की है। जैसे कि गठबंधन सहयोगियों के बारे और अगला लोकसभा चुनाव कैसे लड़ा जाए। हम अपनी रिपोर्ट पांच सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी को सौंपेंगे जो इस उद्देश्य के लिए गठित की गई थी। किसी भी भ्रम को दूर करने के लिए गठबंधन सहयोगियों के साथ बातचीत चल रही है। हम निर्णय लेने वाली समिति नहीं है। वह हमारा कार्य क्षेत्र नहीं है और हम तकनीकी कार्य के पक्ष में हैं, जबकि राजनीतिक बातचीत और उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने का काम (गठबंधन सहयोगियों के साथ) एक अलग समिति द्वारा किया जाएगा। हालांकि दास ने कहा, इंडिया गठबंधन जम्मू-कश्मीर और देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और हमारी राय के अनुसार सभी गठबंधन सहयोगियों को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।