-मुख्य सचिव, डीजीपी, जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व राजनीतिक दलों से मुलाकात करेगी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोग की टीम वीरवार सुबह 10 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। यह दौरा दो दिन का है। चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार व एसएस संधू पहले दिन के साथ आयोग की टीम कश्मीर में चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करेगी। टीम अगले दिन जम्मू में कुछ बैठकों के बाद प्रेस वार्ता में चुनाव संबंधी जानकारी देगी।
श्रीनगर के एसकेआईसीसी में आयोग के सदस्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ सुबह 10.30 बजे बैठक कर उनकी राय लेंगे। इसके अलावा दोपहर 2 बजे जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों सहित नागरिक प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें कर चुनाव संबंधी तैयारियों की जानकारी ली जाएगी। शाम सात बजे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय अर्धसैनिक बल के नोडल अधिकारियों के साथ भी बैठक होगी। इसके अलावा मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ भी बैठक की जाएगी।
शुक्रवार को आयोग की टीम कुछ बैठकें करेगी, जिसके बाद जम्मू में पत्रकारों से रूबरू होगी। सर्वोच्च न्यायालय ने जम्मू -कश्मीर में सितंबर तक विधानसभा चुनाव करवाने के लिए कहा है।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव के लिए सुरक्षा बड़ी चुनौती
मोदी की 3.0 की पारी की शुरुआत से ही जम्मू संभाग आतंकियों के निशाने पर रहा है
चुनाव आयोग के सामने लोकसभा के बाद विधानसभा में मत प्रतिशत बढ़ाना भी लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर में शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी लगातार अशांति फैलाने की साजिश में लगे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी पारी की शुरुआत के साथ ही पिछले दो माह में जम्मू संभाग में कई आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं।
इसके साथ चुनाव आयोग के सामने लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाना भी एक चुनौती है। पिछले लोकसभा चुनाव में आतंकी घटनाओं पर अंकुश रहा। इससे जम्मू के साथ कश्मीर में लोगों ने रिकार्ड मतदान किया। इसमें जम्मू में 72.32 प्रतिशत, उधमपुर में 68.27 प्रतिशत, श्रीनगर में 37.99 प्रतिशत, बारामुला में 58.17 प्रतिशत और अनंतनाग लोकसभा सीट पर 52.28 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछली बार से रिकार्ड था। लेकिन मोदी के गत 9 जून को शपथ लेकर तीसरी पारी के शुरू करने के साथ ही आतंकियों ने खासतौर पर जम्मू संभाग में खलल डालने की कोशिश की है। पिछले दो माह में प्रदेश में हुए पांच आतंकी हमलों में दस नागरिकों की मौत हुी और 5 जवान बलिदान हो गए। जम्मू संभाग के जिला कठुआ में दो बार आतंकी हमला हुआ है।
सुरक्षा के मुद्दे को विपक्ष मजबूती से उठा रहा
श्रीनगर में वीरवार को राजनीतिक दलों के साथ भारत चुनाव आयोग की बैठक में विपक्ष द्वारा प्रमुख रूप से सुरक्षा का मुद्दा उठाया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला ने कहा कि हम विधानसभा चुनाव चाहते हैं। लेकिन आयोग को सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव के दौरान जम्मू कश्मीर में हालात बेहतर रहे। आयोग से पार्टी की ओर से भल्ला के अलावा रवींद्र शर्मा, पीरजादा सईद, गुलाम नबी मोंगा और लाल सिंह मुलाकात करेंगे। नेकां के जम्मू प्रांत के अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता का कहना है कि हम हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहे हैं। लेकिन चुनाव के लिए सुरक्षा की दृष्टि से जमीनी स्तर पर अच्छा माहौल तैयार किया जाए। पार्टी की ओर से शम्मी ओबराय, पूर्व मंत्री सकीना इत्तू और प्रांतीय अध्यक्ष कश्मीर नासिर असलम वानी मिल रहे हैं। इसी तरह पीडीपी, सीपीएम सहित अन्य राजनीतिक दल भी सुरक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं। शिव सेना (यूबीडी) के अध्यक्ष मनीष साहनी ने विरोध किया है कि चुनाव आयोग को जम्मू में भी राजनीतिक दलों से मिलना चाहिए था। उसे जल्द चुनाव की तिथियां घोषित करके दौरों का दौर खत्म करना चाहिए।
20 अगस्त को संशोधित मतदाता सूची जारी हो सकती
प्रदेश में मतदाता सूचियों में विशेष सारांश संशोधन की प्रक्रिया जारी है। इनका 19 अगस्त तक निपटान करने के बाद 20 अगस्त तक अंतिम मतदाता सूची जारी करना प्रस्तावित है। श्री अमरनाथ यात्रा 19 अगस्त तक जारी रहेगी। जिसके बाद विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा होने की उम्मीद है।