पीडीपी प्रमुख ने कहा - जम्मू-कश्मीर की जनता के हक के लिए संसद में उठाएंगे आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया। पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पार्टी मुख्यालय श्रीनगर में एक प्रेसवार्ता में कहा कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को एक खुली जेल में बदल दिया गया है। हमारी सामूहिक पहचान, भूमि, नौकरियों, संसाधनों पर एक अंतहीन हमला हुआ है और बोलने की स्वतंत्रता का उल्लंघन हुआ है। हजारों किलोमीटर दूर दिल्ली में दैनिक आधार पर लिए गए फैसलों की एक शृंखला केवल हमें कमजोर करने और बेदखल करने का काम करती है।
कहा कि इसके खिलाफ संसद में आवाज उठाने की जरूरत है। राज्य के विषय और भूमि कानूनों में भारी बदलाव से लेकर बाहरी लोगों को ठेके देकर हमारे संसाधनों की आउटसोर्सिंग तक विकासात्मक परियोजनाएं भी गैर-स्थानीय लोगों को सौंपी जा रही हैं। उन्होंने कहा, सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों को मामूली आधार पर निकाल दिया गया है। हजारों युवा विचाराधीन कैदियों के रूप में जम्मू-कश्मीर और बाहर की जेलों में बंद हैं। अगर पार्टी के उम्मीदवार संसद के लिए चुने जाते हैं, तो वे जम्मू-कश्मीर के लोगों की ओर से इन मुद्दों पर आवाज उठाएंगे। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधि जम्मू-कश्मीर के युवाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे और तदनुसार उनका एमपीएलएडी फंड युवा केंद्रित कार्यक्रमों पर केंद्रित होगा। उनकी प्राथमिकता मुगल रोड, राजदान और साधना दर्रे पर सुरंगों का निर्माण करना होगा, जो भारी बर्फबारी के कारण कई महीनों तक कटे रहते हैं। पार्टी के घोषणापत्र में कहा गया है कि अनुच्छेद 370 निरस्तीकरण ने केवल मुद्दे को जटिल बना दिया है। इसके खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। पीडीपी अपने प्रमुख हितधारकों के साथ सुलह और बातचीत के माध्यम से कश्मीर मुद्दे के समाधान को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।