जम्मू। भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा ने कहा हैं कि कश्मीर के कुछ राजनीतिज्ञ लोगों को बांटना चाहते हैं। इसलिए वह जम्मू के नियमित दौरे कर रहे है। लेकिन जम्मू के लोग ऐसे नेताओं को कामयाब नहीं होने देंगे। जम्मू-कश्मीर के लिए निर्वाचित सरकार पर जोर देते हुए कहा कि अफसरशाही कभी भी राजनीतिक सरकार का विकल्प नहीं हो सकती। वह जम्मू के हितों के लिए आवाज बुलंद करते रहेंगे।
भलवाल तहसील के बरन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो राजनेता कश्मीर से जम्मू आते हैं और जम्मू में लोगों को बांटने की कोशिश करते हैं वे जम्मू को उस तरह से बर्बाद करने में कामयाब नहीं होंगे, जिस तरह से उन्होंने कश्मीर को तबाह किया। जम्मू के लोग शांति से रहते हैं और सांप्रदायिक सौहार्द व भाईचारे के साथ रहते रहेंगे। लेकिन हम चाहते हैं कि जम्मू की आवाज मजबूत हो और जम्मू को उसका हक मिले। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। कोई समझौता नहीं होगा। कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों तक लोगों की पहुंच सुगम होती है और लोगों के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी होती है। निर्वाचित प्रतिनिधि पुल होते हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को अपनी भूमिका निभानी चाहिए और समस्याओं को हल करने के लिए लोगों और प्रशासन के बीच सेतु बनना चाहिए। उन्हें लोगों की आवाज सुननी चाहिए। लोगों द्वारा उठाए गए मुद्दों को सरकार के सामने उठाना चाहिए और उनका समाधान खोजना चाहिए। बेरोजगारी जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा मुद्दा है। हम नौकरी और रोजगार के अवसर चाहते हैं। कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा 300 से अधिक सीटें जीतेगी और बहुमत में होगी।
एलजी के नेतृत्व में प्रशासन बेहतर काम कर रहा
उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा वयोवृद्ध राजनेता हैं। वह छह बार सांसद रहे और मंत्री भी रह चुके हैं। उनके पास शासन का काफी अनुभव है। प्रशासन अच्छे तरीके से चलाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में नौकरशाही कार्यकुशल है। वे मेहनती लोग हैं। हमें जम्मू-कश्मीर की नौकरशाही और पुलिस पर गर्व है।