जम्मू। सांसद व नेकां अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से सुरईंसर झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए उचित कदम उठाने को जोर दिया है। जम्मू क्षेत्र में पर्यटन के विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़े हित वाली योजनाओं को लाया जाए। हम संसद के साथ पर्यटन पर उपसमिति के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे। पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बुनियादी ढांचे को विकसित किया जाना जरूरी है। डा. फारूक ने प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ सुरईंसर झील दौरे के दौरान स्थानीय लोगों को सुना।
डा. फारूक ने कहा कि सुरईंसर झील को एक गेटवे की तरह विकसित किया जाए और पर्यटकों को आकर्षित करने को बुनियादी सुविधाएं बढ़ाई जाएं। झील की समग्र विकास योजना का जल्द एक खाका प्राथमिकता पर शुरू किया जाना चाहिए। इसमें आवास और उपयोगिता सेवाओं को शामिल किया जाए। पेडल नावों की संख्या बढ़ाने के साथ अत्याधुनिक ढांचे पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इस झील पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए अपार संभावनाएं हैं। विशेषतौर पर जम्मू शहर के लोगों को आकर्षित किया जा सकता है। ऐसे जल निकायों को गौरव के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि झील को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए एक प्रचार अभियान भी शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि युवाओं को रेस्तरां, फूड जांस कियोस्क आदि स्थापित करने के मामले में बड़े पैमाने पर लाभ मिलेगा। 90वे के दशक की शुरुआत और बाद में भी तीर्थ पर्यटन जम्मू में खुब फला फूला और मुश्किल समय के दौरान लोगों को सफलता मिली है। कोविड महामारी के कारण एडवेंचर और तीर्थ यात्रा पर्यटन को झटका लगा है। इस दौरान डा. मुस्तफा कमाल, एजाज जान, इसरार खान आदि मौजूद रहे।