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तब तक नहीं मरूंगा जब 370 और 35 ए बहाल नहीं हो जाता : फारूक

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जम्मू में नेकां कार्यालय में फारूक अब्दुल्ला व उमर अब्दुल्ला को तलवार भेंटकर सम्मानित किया। - फोटो : SHRINAGAR
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जम्मू। नेकां अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वह तब तक नहीं मरेंगे जब तक जम्मू-कश्मीर में 370 और 35 ए बहाल नहीं हो जाता। वह 85 साल के हैं, लेकिन अभी भी जवान की तरह छाती निकालकर जम्मू-कश्मीर के लोगों के हक के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि गुपकार गठबंधन में जम्मू को कभी अलग नहीं देखा गया है, हां परिस्थितियां ऐसी थी कि जम्मू के नुमाइंदों से बात करने का मौका नहीं मिला, लेकिन अब सबको साथ लेकर चलना है। सरकार को अपने सभी काले कानून वापस लेने होंगे। डॉ. फारूक शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में पार्टी कार्यकर्ताओं से रूबरू थे।
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उन्होंने कहा कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ जमीन और नौकरियों को सुरक्षित रखने के झूठे दावे किए हैं। आज हजारों कर्मचारी सड़कों पर हैं। कश्मीरी पंडितों को वापस नहीं ला सके, पांच साल बीत गए और जिस तरह से अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप जा रहे हैं, उस तरह से अगले पांच साल भी निकल जाएंगे। भाजपा ने जनता को सिर्फ वोट के लिए इस्तेमाल किया है। नेकां कभी राष्ट्र विरोधी नहीं रही है। भाजपा ने बेइमानों को खरीदने का काम किया है। फारूक ने भाजपा को सीने से लगाया था, लेकिन उन्होंने छुरा घोंपा। भाजपा भाईचारा को मिटाने और समाज को बांटने का काम करती रही है। लोगों में डर और घबराहट का माहौल पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन हम अपनी पहचान के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। हमने कोई गुनाह नहीं किया है। भाजपा ने अपने झंडे को हिंदुस्तान का झंडा बना लिया है। उन्होंने अमेरिका के ट्रंप का उदाहरण देते हुए कहा कि हकूमतें आती-जाती रहती हैं, लेकिन ताकत जनता के हाथ में है। हम पाकिस्तानी नहीं हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से दिवाली पर पटाखे न चलाने की अपील की। उन्होंने कोरोना वायरस के चलते जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा, अजय सडोत्रा, सुरजीत सिंह सलाथिया सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।
आज भाजपा वाले लखनपुर के पार होते
भाजपा पर हमला बोलते हुए डॉ. फारूक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को अगर पाकिस्तान में जाना होता तो वह 1947 में चला जाता और आज भाजपा वाले लखनपुर से पार होते। शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने कहा था कि हमारा रास्ता महात्मा गांधी के साथ है। कश्मीर पर कबाइलियों के हमले में कश्मीर के हिंदू, मुसलिम भाइयों ने साथ में लड़ाई लड़ी थी। हिंदुस्तान के साथ फारूक हमेशा खड़ा रहा है, तब भी जब भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी थे। आज फारूक को पाकिस्तानी और चीनी बताया जा रहा है। मैं डरने वाला नहीं हूं। भाजपा की चुनौतियों का पहले भी मुकाबला किया है और करते रहेंगे।
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370 पर लोगों को गुमराह किया : राणा
जम्मू। नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि सांविधानिक अधिकारों और डोगरा पहचान के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। अनुच्छेद 370 पर लोगों को गुमराह किया गया और बताया गया कि इसे हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर हिंदुस्तान का हिस्सा बनेगा, लेकिन लोगों को गुमराह करने वाले भूल गए हैं कि जम्मू-कश्मीर सांविधानिक तौर पर पहले ही भारत का अटूट अंग है और रहेगा। हमारी लड़ाई देश के साथ नहीं है, सिर्फ अपने सांविधानिक अधिकारों के लिए है। 22 अक्तूबर मनाया गया, लेकिन भाजपा यह भूल गई कि नेकां के कई नेताओं ने भी बलिदान दिया है। भाजपा के राज्यपाल और उपराज्यपाल ने हजारों नौकरियां देने का वादा किया, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ।
भाजपा की नीतियों से आतंकवाद को बढ़ावा मिला : उमर
पहले नौजवान बंदकू उठाते थे, अब किशोर भी उठा रहे हैं
जम्मू। नेकां के उपप्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा की गलत नीतियों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा मिला है। नेकां के कार्यकाल में 2011-14 तक कुछ नौजवानों ने बंदूक उठाई थी, लेकिन अब किशोर भी बंदूक उठा रहे हैं और यह क्रम तेजी से बढ़ रहा है। 5 अगस्त 2019 को केंद्र की ओर से जम्मू-कश्मीर के लिए लिया गया फैसला अब तक का सबसे नुकसानदायक फैसला रहा है।
उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल दावे कर रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में उद्योग बढ़ेगा, लेकिन उन्हें देखना चाहिए कि जम्मू से लेकर कठुआ तक कितने औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं और यह अनुच्छेद 370 के दौरान हुए हैं। आज हम अपनी जमीनों पर सही तरह से सुरक्षित नहीं हैं। किसानों की जमीनें भी चली जाएंगी, नए आदेश में साफ लिखा है कृषि भूमि को गैर कृषि दिखाकर बेचा जा सकता है। आरएस पुरा के किसान जो दुनियाभर में बासमती बेचते हैं, उन्हें भी नहीं पता कि अगले साल उनकी जमीन उनके पास रहेगी या नहीं।
लड़ाई सिर्फ सच और झूठ की
उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में भाजपा ने अलग अलग व्यवस्थाएं बनाई हैं। हरियाणा में स्थानीय लोगों के लिए नौकरियां रखी गई हैं। हिमाचल प्रदेश में बाहर का कोई जगह नहीं ले सकता तो जम्मू कश्मीर में ऐसे कानून क्यों लाए गए हैं। नेकां को खत्म बताने की कोशिशें की गईं। देशभर में दिखाया गया कि नेकां सिर्फ वादी के लोगों की बात करती है, लेकिन नेकां की जड़ें जम्मू में भी मजबूत हैं। नेकां ने कभी धर्म और क्षेत्रीय आधार की सियासत नहीं की है। वर्तमान में सच और झूठ की लड़ाई लड़ी जा रही है। जम्मू-कश्मीर के लोगों को झूठ के आधार पर गुमराह किया गया है। बताया गया कि अनुच्छेद 370 और 35 ए को हटाने पर जम्मू-कश्मीर की सभी बीमारियों का रातों रात इलाज हो जाएगा, लेकिन एक साल तीन महीने बीत चुके हैं, कोई बदलाव या विकास नहीं हुआ है।
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