पश्चिम पाक के शरणार्थियों को स्थायी नागरिकता देने की संसदीय समिति की सिफारिश पर रियासत की सियासत गरमा गई है। ओबामा के दौरे से पहले घाटी और जम्मू में इसके पक्ष और विपक्ष में प्रदर्शन हुए। घाटी आधारित क्षेत्रीय पार्टियां (नेकां और पीडीपी) खुलेआम इसके विरोध में हैं तो कांग्रेस ने चुप्पी साध रखी है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक फोरम और अवाम इतिहाद पार्टी के साथ ही अलगाववादियों ने सिफारिश का विरोध किया है। जम्मू में शरणार्थियों को उनका हक दिलाने के समर्थन में आवाज उठी है। भाजपा और हिंदुवादी संगठनों ने केंद्र सरकार की इस पहल का दिल खोलकर स्वागत किया है।
दरअसल, घाटी में हो रहा विरोध प्रदर्शन खास रणनीति के तहत है। ओबामा के दौरे से पहले इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन कर अंतर्राष्ट्रीय जगत का ध्यान आकृष्ट कराना मुख्य मकसद है ताकि केंद्र सरकार की पहल पर ब्रेक लग सके।