फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखनूर को बनाया जाए जिला

विज्ञापन
खौड़ में अपनी अपनी पार्टी की बैठक को संबोधित करते नेता।
विज्ञापन
ज्यौड़ियां। खौड़ में रविवार को अपनी पार्टी की जनसभा हुई। इसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष पुष्प देव कुमार उप्पल ने की। जनसभा का गणश दास शर्मा महासचिव तथा विजय कुमार शर्मा अध्यक्ष की तरफ से की गई। जनसभा के मुख्य अतिथि पार्टी के महासचिव विजय बकाया रहे।
विज्ञापन

जनसभा में पुष्प देव कुमार शर्मा ने अखनूर को जिले का दर्जा देने की भी मांग की। खौड़ को मुंसिफ कोर्ट बनाने, अखनूर में सेशन जज बिठाने, किसान निधि योजना की राशि दो हजार से बढ़ाकर चार हजार रुपये किए जाने की मांग की। विजय बकाया ने कहा कि यहां नेकां, पीडीपी, कांग्रेस और भाजपा भी है। पार्टी का गठन करने की हमें क्यों जरूरत पड़ी, जब 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 तथा 35 को हटाया गया तो उस समय कश्मीर की राजनीतिक पार्टी के लोगों ने कहा कि हम यहां हिंदुस्तान का झंडा नहीं लगने देंगे। उस समय जो कश्मीरी नेता थे कुछ ने तो गिरफ्तारियां दे दीं और कुछ घरों में दुबक गए। कोई भी नेता हिंदुस्तान की बात नहीं कर रहा था, लेकिन उस समय अल्ताफ बुखारी तथा कुछ अन्य नेता सामने आए। उन्होंने कहा कि हमने अपने देश के साथ चलना है। हमें यहां रहना है। हमें इस मुल्क के साथ बगावत नहीं करनी है। हमने नौजवानों को मरवाना नहीं है। हमें जो कुछ भी मिलना है इस देश से ही मिलना है। यह रियासत महाराजा रणजीत सिंह से डोगरा रूलर आए महाराज गुलाब सिंह से लेकर महाराजा हरि सिंह तक यह जम्मू-कश्मीर स्टेट ऐसी स्टेट थी जो अंग्रेजों की भी गुलाम नहीं रही। इस स्टेट को जब तोड़ दिय गया, इसके दो हिस्से कर दिए गए और स्टेट का जो दर्जा था, उसे नीचे कर दिया। जैसे एक कैप्टन को सिपाही बना दिया जाए। इससे हमारी पहचान खत्म हो गई। इससे पहले जब हमें कोई पूछता था कि आप कहां से हो तो हम कहते थे जम्मू-कश्मीर से, अब हमें कोई पूछता है तो हम कहते है जम्मू-कश्मीर यूटी के हैं, जिससे हमारा दर्जा कम हुआ।
विज्ञापन

जनसभा में फकीर नाथ, एके शिवर, कुलवंत सिंह चिब, बोधराज भगत सहित अन्य कई उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें