हिजबुल के टाप कमांडर अल्ताफ काचरू के मुठभेड़ में मारे जाने के कुछ ही घंटे बाद आतंकियों ने दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। हमले में पुलिस के चार जवान शहीद हो गए। हमले के बाद आतंकी तीन सर्विस राइफल लेकर फरार हो गए। आतंकी संगठन जैश ने दावा किया है कि उसने हिजबुल मुजाहिदीन के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया है। बाद में हिजबुल ने लूटे गए हथियारों की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की है।
शोपियां जिले के बोंगाम इलाके में बुधवार दोपहर को आतंकियों ने पुलिस के डीएसपी (हेडक्वार्टर) आशिक टाक के एस्कॉर्ट पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमला इतना अचानक हुआ कि जवानों को जवाबी कार्रवाई का मौका नहीं मिल पाया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आतंकियों ने आरहामा में पुलिस पार्टी पर हमला किया जिसमें चार जवान शहीद हो गए। इनकी शिनाख्त पंजीनारा-एचएमटी के कांस्टेबल जावेद अहमद भट, बारामुला के कांस्टेबल मोहम्मद इकबाल मीर, शेखपोरा बारामुला के कांस्टेबल इश्फाक अहमद मीर, जावूरा शोपियां के एसपीओ आदिल मंजूर भट के रूप में हुई है।
पुलिस लाइन में दी गई श्रद्धांजलि
पुलिस लाइन में दी गई श्रद्धांजलि
- फोटो : अमर उजाला
शाम को शोपियां पुलिस लाइन में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। डीजीपी डा. एसपी वैद, आईजी कश्मीर एसपी पाणि, डीआईजी साउथ अमित कुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
डीएसपी हेडक्वार्टर थे निशाने पर
- फोटो : अमर उजाला
शोपियां जिले के डीएसपी (हेडक्वार्टर) आशिक टाक आतंकियों के निशाने पर थे। दरअसल जिस समय यह हमला हुआ उस समय एस्कॉर्ट के यह जवान गाड़ी ठीक करवाने गए हुए थे। आतंकियों ने इनके मूवमेंट पर पहले से नजर रखी थी और मौका मिलते ही उन्हें निशाना बनाया। यह संयोग ही था कि उस समय गाड़ी में टाक नहीं थे। आशिक टाक जम्मू कश्मीर पुलिस के चंद काबिल अफ सरों में से है और कई सफ ल ऑपरेशन को अंजाम दे चुके हैं जिसमें आतंकियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
सुरक्षा में कोई चूक नहीं: डीजीपी
डीजीपी डॉ एसपी वैद ने कहा कि अभी हमला के संबंध में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। जल्द ही हमलावरों का पता चल जाएगा। जैश और हिजबुल ने हमले की जिम्मेदारी ली है। घटना में किसी प्रकार की सुरक्षा चूक नहीं है।