साइबर अपराध पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करते एडी
जोनल पुलिस मुख्यालय जम्मू में हुआ चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, 25 अफसरों ने लिया भाग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। साइबर अपराध के बढ़ते खतरे और बदलते ट्रेंड से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर के हर पुलिस थाने में टीमें बनाई जाएंगी, ताकि ऐसे अपराध पर जल्द कार्रवाई शुरू हाे पाए। साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस कर्मियों को विशेषकर दूरसंचार ऑपरेटरों के क्षमता निर्माण के लिए जोनल पुलिस मुख्यालय जम्मू में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम वीरवार को संपन्न हुआ। इसमें दूरसंचार विंग के 25 अधिकारियों ने प्रशिक्षण हासिल किया।
चार दिवसीय कार्यक्रम पुलिस मुख्यालय के आदेश पर आयोजित किया गया था। इसमें साइबर पुलिस स्टेशन जम्मू के इंचार्ज कामेश्वर पूरी ने साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न पहलू के बारे में बताया। इस दौरान बैंक धोखाधड़ी और सोशल मीडिया अपराध से जुड़ी शिकायतों से निपटने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति के बारे में बताया। इसके साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल और 1930 नंबर के बारे में बताया गया। प्रशिक्षुओं को पुलिस स्टेशन स्तर पर लापता मोबाइल फोन की ट्रेसिंग और ब्लॉकिंग के लिए केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) सहित विभिन्न पोर्टलों को संभालने और शिकायत निवारण पोर्टल के बारे में बताया। डीआईजी जम्मू-कठुआ-सांबा रेंज डॉ. सुनील गुप्ता आईपीएस, ने बढ़ते साइबर अपराधों और उनसे निपटने की गंभीर आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को तत्काल राहत देने के लिए बढ़ते साइबर अपराधों के खतरे से निपटने के लिए थाना स्तर पर टीमें बनाने पर भी जोर दिया। एडीजीपी जम्मू जोन आनंद जैन आईपीएस, ने प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने जम्मू जोन ने जिला स्तर पर साइबर सेल को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और सभी दूरसंचार अधिकारियों कर्मचारियों को साइबर अपराध से निपटने और साइबर खतरे पर अंकुश लगाने के लिए काम करने का निर्देश दिया।