ट्रक के कंडक्टर जाहिद की मौत के बाद घाटी में पनपे विवाद के बाद उधमपुर से श्रीनगर की तरफ कोई भी गाड़ी नहीं जाने दी गई।
उधमपुर से सोमवार को डोडा की गाड़ियों को भी रोक दिया गया। इस दौरान पुलिस की भी बाईपास सुरक्षा कड़ी रही और नगर में गश्त की गई।
किसी भी संदिग्ध एवं संवेदनशील घटना की संभावनाओं के कारण पुलिस पूरा दिन लोगों पर पैनी नजर रखती रही और नगर की गतिविधियों पर पल-पल की जानकारी आला अधिकारी को दी जाती रही।
हाईवे पर एक हजार से भी अधिक गाड़ियों को रोक दिया गया है। विशेषकर जम्मू और उधमपुर की गाड़ियों को घाटी नहीं भेजा गया।
उधमपुर के बाईपास पर इन गाड़ियों को रोका गया है। हालात सामन्य होने के बाद ही इन्हें घाटी रवाना किया जाएगा। उधमपुर और जम्मू की अधिकतर छोटी गाड़ियां वापस अपने घरों के लिए रवाना हो गई।
जबकि टक और अन्य सामान ढोने वाली गाड़ियों को रोक दिया गया। सोमवार को बाहरी राज्यों के ट्रकों को भी रोक दिया गया। जबकि कश्मीर से आने वाली गाड़ियों को उधमपुर नगर की बजाए बाईपास से निकाला गया।
बाईपास पर इस दौरान पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। गाड़ियां सुरक्षित निकले और नौ अक्तूबर को ट्रक जलाने की घटना के बाद पैदा हुए हालात दोबारा पैदा नहीं हो।
इसके लिए पुलिस ने एहतियात बरते थे। रामबन से लेकर उधमपुर में गाड़ियों के खड़ा करने के कारण कई जाम की स्थिति भी पैदा हुई, लेकिन सर्द मौसम के कारण गाड़ियों की आवाजाही कम रही और जाम जल्द ही खुल गया।