पुलिस के उच्च अधिकारी थानों में बेहतर माहौल बनाने की कवायद में जुटे हुए हैं। पहले डीआईजी ने पुलिस थानों और पुलिस चौकियों में कार्यरत मुंशियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। कहा कि शिकायत लेकर पहुंचने वालों को कम से कम एक गिलास पानी जरूर पिलाएं। इसके बाद आईजी ने पुलिस अधिकारियों की बैठक की।
इसमें पुलिस थानों और पुलिस चौकियों में विजिटर रूम को एक्टीवेट करने के लिए कहा। पुलिस में सुधार की कवायद में जुटे इन अधिकारियों के प्रयासों पर गर्मियों में बिजली की अघोषित कटौती पानी फेर सकती है। जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर, राजोरी, पुंछ सहित अन्य जिलों में कई पुलिस थाने और चौकियां ऐसी हैं, जहां बिजली गुल होने पर जेनरेटर या फिर इनवर्टर की सुविधा नहीं है।
गर्मियों में ग्रामीण इलाकों में अकसर बिजली घंटों बंद रहती है। पुलिस कर्मियों को भरी गर्मी में काम करना पड़ता है। भयंकर गर्मी में कभी-कभी तो वह आपा खो बैठते हैं और शिकायत करने आने वालों से उलझ जाते हैं। यही कारण है कि गर्मियां आते ही पुलिस अधिकारियों ने अनुशासन का पाठ पढ़ाना शुरू किया है, लेकिन समस्या को हल करने की कोशिश नहीं की गई है।
यानी बिजली गुल होने पर खाकी कूल कैसे रह सकेगी।