कई अड़चनों को दरकिनार कर पुलिस अधिकारी ने की शादी
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भारत और पाकिस्तान के विभाजन से अलग हुआ गिलानी कुनबा लगभग 70 साल बाद नए रिश्ते में बंध गया।
एलओसी के इस पार तीसरी पीढ़ी से ओवैस गिलानी और उस पार फैजा गिलानी की शादी निकाह तय होने के दो साल बाद हो गया।
दिलचस्प है कि पीओके के मुजफ्फराबाद में फैजा गिलानी के वालिद से ओवैस के पिता 2014 में मिलकर निकाह तय कर आए थे। निकाह की तारीख और तैयारियां कई मर्तबा तय की गईं लेकिन हर बार अड़चनों में मामला अटक गया।
2014 में ही तय हुआ था निकाह
पुलिस अधिकारी की शादी में मौजूद लोग
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इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और, दोनों के निकाह की रस्म आखिरकार ऐसे वक्त पर बिना किसी अड़चन के पूरी हो गई जब घाटी की हिंसा के चलते स्थानीय लोगों की शादियां और निकाह स्थगित हो रहे हैं।
दूल्हा ओवैस गिलानी पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात है। दुल्हन फैजा गिलानी मुजफ्फराबाद की रहने वाली है। फैजा ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद की नेशनल यूनिवर्सिटी आफ मॉडर्न लेंग्वेजेस से एजूकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है।
ओवैस के पिता शब्बीर गिलानी ने बताया वह खुद पुलिस से एसएसपी पद से रिटायर हैं। वर्ष 2014 में वे श्रीनगर से कारवां-ए-अमन बस सेवा से मुजफ्फराबाद गए थे। फैजा के परिवार से मिलकर बेटे का निकाह पक्का कर आए थे। लेकिन, निकाह की रस्म को पूरा करने के लिए उन्हें दो साल तक इंतजार करना पड़ा।
घाटी के हालात की वजह से कई बार शादी टली
पीओके
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कई बार निकाह और दावत का शेड्यूल तैयार किया गया पर कोई न कोई अड़चन आड़े आ जाती। कारवां-ए-अमन बस सेवा भी घाटी के हालात की वजह से कई बार रोक दी गई।
पिछले दिनों बस सेवा बहाल हुई तो दोनों परिवारों से करीबी रिश्तेदार सोमवार को बांदीपोरा में एकत्रित हुए। इसके बाद निकाह की रस्म को पूरा कर लिया गया। उल्लेखनीय है कि घाटी में भीड़ नियंत्रण में अहम भूमिका निभा रही रियासत पुलिस पर लगातार हमले हो रहे हैं। घाटी के पुलिस कर्मियाें को नौकरी छोड़ने को धमकाया भी जा रहा है।