जोनल पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करते डीआईजी श्रीधर पाटिल स्रोत पुलिस
डीआईजी ने टेरर फंडिंग और मददगार नेटवर्क को तोड़ने के लिए जांच एजेंसियों में बेहतर तालमेल के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कश्मीर की तरह अब जम्मू जिले में आतंकवाद के पुराने मामलों की जांच को फिर से गति मिलेगी। ऐसे मामलों में जांच के दौरान सामने आए पुराने सुराग, आरोपियों के संपर्क और आतंकी मददगार नेटवर्क की कड़ियों को फिर से खंगाला जाएगा। बुधवार को जम्मू-सांबा-कठुआ जोन के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने जोनल पुलिस मुख्यालय जम्मू में बैठक की। उन्होंने जांच अधिकारियों को मामलों को केवल लंबित रखने के बजाय ठोस साक्ष्यों पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिया।
डीआईजी ने जिले में दर्ज यूएपीए मामलों, दोबारा खोले गए पुराने आतंकी मामलों, नारको-टेरर और टेरर फंडिंग से जुड़े मामलों की जांच की प्रगति जानी। डीआईजी ने नारको-टेरर और आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों में पैसों और नशीले पदार्थों के नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने के निर्देश दिए। अधिकारियों को पेशेवर व गहन जांच करने के साथ निर्धारित समय में जांच पूरी करने के लिए कहा। आतंकी मददगार नेटवर्क को तोड़ने के लिए अलग-अलग मामलों की कड़ियों को आपस में जोड़कर जांच करने के लिए कहा। जिला पुलिस और संबंधित जांच इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय बनाए के निर्देश दिए।