जम्मू के डोगरा चौक पर प्रदर्शन के दौरान पंच-सरपंचों को हिरासत में लेती पुलिस। अमर उजाला
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान का 73वां संशोधन लागू करने व पंचायतों में विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग को लेकर वीरवार को जम्मू के पंडित प्रेम नाथ डोगरा चौक पर प्रदर्शन कर रहे सरपंचों-पंचों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सभी को नवाबाद पुलिस थाने में सात घंटे तक रखा गया। इसके बाद उन्हें रिहा किया गया।
ऑल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में सरपंचों-पंचों ने आरोप लगाया कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में देश के अन्य हिस्सों की तरह 73वां संशोधन पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। इसके अलावा पंचायतों के लिए सालाना विकास राशि का प्रावधान होना चाहिए।
बैक टू विलेज के तहत प्रत्येक पंचायत को 25 लाख जारी हों
अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि बैक टू विलेज के तहत प्रत्येक पंचायत को 25 लाख की राशि जारी हो, ताकि लोगों से किए वादों को पूरा किया जा सके। पंचायतों में छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया को बंद किया जाना चाहिए।
सरपंचों-पंचों का मानदेय बढ़ाए सरकार
शर्मा ने कहा कि सरपंचों और पंचों का मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचों को एक हजार रुपये और सरपंचों को तीन हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान समय में निर्वाचित पंचायती प्रतिनिधियों के साथ मजाक है। कम से कम पंचों को पांच हजार और सरपंचों को दस हजार रुपये मानदेय दिया जाना चाहिए।