- नगरोटा के नारायणा खुह स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में मूर्तियों को खंडित करने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्राचीन हनुमान मंदिर में मूर्तियों को खंडित करने वाले आरोपी को पुलिस ने काबू कर लिया है। बता दें कि नगरोटा में नारायणा खुह इलाके में स्थित मंदिर में शनिवार की शाम ये घटना हुई थी जिससे लोगों में आक्रोश पैदा हो गया था। पुलिस ने एक घंटे तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और इनकी मदद से आरोपी को दबोच लिया।
एसपी ग्रामीण बृजेश शर्मा ने बताया कि शनिवार देर शाम सुभाष चंद्र पुत्र परस राम ने नगरोटा थाने में मंदिर में तोड़फोड़ होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। घटनास्थल पर पहुंच कर पुलिस ने जायजा लिया और भारतीय न्याय संहिता की धारा 298 और 326 के तहत केस दर्ज किया गया। घटनास्थल पर फाॅरेंसिक साइंस लैबोरटरी (एफएसएल) की टीम और क्राइम डॉग स्क्वायड भी पहुंचा। साक्ष्य एकत्रित किए गए। इसके बाद मंदिर की तरफ आने व जाने वाले रास्ते के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। रात 12 से एक बजे तक फुटेज की जांच की गई। इससे पुलिस को मदद मिली और प्राथमिक पूछताछ के लिए चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर इनमें से एक अर्जुन शर्मा पुत्र अशोक कुमार निवासी नारायणा खुह ने इस पूरी घटना में खुद की संलिप्तता को स्वीकार किया।
इसके उपरांत प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के सामने भी उसने अपना गुनाह कबूला। एसपी ग्रामीण ने कहा कि युवक इस घटना को अंजाम देने के पीछे का कारण मंदिर में होने वाले काले जादू को बता रहा है। उसने पूछताछ में बताया कि इलाके के नंबरदार ओम प्रकाश के पुत्र मंदिर में काला जादू करते हैं। मंदिर में इस तरह के अधार्मिक कार्य लगातार हो रहे हैं। इसी वजह से उसने मंदिर में तोड़फोड़ की ताकि ये अधार्मिक गतिविधियां बंद हो जाएं। एसपी ने कहा कि मंदिर में काला जादू किए जाने वाले पहलू की भी जांच की जा रही है।
आपसी रंजिश भी एक पहलू
पुलिस की पूछताछ में आरोपी अर्जुन शर्मा ने कहा कि मंदिर में नंबरदार के बेटे काला जादू करते थे। गांव में अधिकांश लोगों को इसका पता भी था, लेकिन कोई आवाज नहीं उठाता था। वह उस स्थल को नष्ट करना चाहता था जहां वे इस तरह का काम करते थे। अर्जुन का कहना था कि वे उन्हें सबक सिखाना चाहता था। उधर, पुलिस का कहना है कि नंबरदार के बेटे मंदिर में पूजा-अर्चना ही करते थे। अर्जुन भी वहां पूजा करने जाता था। इसी दौरान उनकी आपस में रंजिश हुई, जिसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया।
कुछ ही घंटों में सुलझा लिया मामला
मंदिर में तोड़फोड़ का मामला काफी संवेदनशील था। ऐसे में अगर घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी नहीं लगे होते तो आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता। लेकिन सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने इस मामले को कुछ ही घंटों में सुलझा लिया और पुलिस को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी।