भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाकात के दौरान कार्यकर्ताओं को सुरक्षा देने का मुद्दा उठाया था। एडीजी सुरक्षा को 30 नेताओं को सुरक्षा कवर देने के लिए सूची सौंपी गई लेकिन अब तक सिर्फ तीन को सुरक्षा मिल पाई है। उन्हें भी सिर्फ एक-एक पीएसओ दिए गए हैं। पीडीपी के लगभग 300 कार्यकर्ताओं को सुरक्षा दी गई है जबकि भाजपा में सिर्फ 20 कश्मीरी कार्यकर्ताओं को यह सुविधा दी गई है।
भाजपा नेता सोफी ने कहा कि पार्टी के 10 जिला अध्यक्ष, 10 जिला महासचिव और 92 मंडल अध्यक्षों और महासचिवों को भी यह सुविधा नहीं दी गई है जबकि इसकी मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि पीडीपी के एमएलए और एमएलसी को जो सुरक्षा मिलती है वह भाजपा के एमएलसी को नहीं मिलती। दौरों में अतिरिक्त सुरक्षा सिर्फ पीडीपी के विधायकों को ही दी जाती है।
सुरक्षा की लगातार हो रही समीक्षा : डीजीपी
डीजीपी एस पी वैद ने कहा है कि वीआईपी या सियासी लोगों के सुरक्षा की लगातार समीक्षा हो रही है। इसके लिए कमेटी बनी है। खतरे की समीक्षा होती है और जरूरत के हिसाब से सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। इसमें पार्टी के आधार पर चयन नहीं होता है।