पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि रियासत के तीन नहीं बल्कि चार खित्ते हैं। पीओके तथा गिलगित-बाल्टिस्तान भी रियासत का ही हिस्सा है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के साथ ही यह भी रियासत का खित्ता है। महाराजा हरि सिंह की ओर से छोड़ी गई विरासत यानी संपूर्ण जम्मू-कश्मीर को अपने पुराने स्वरूप में लौटाना है।
महाराजा के समय जम्मू-कश्मीर का क्षेत्रफल 2.24 लाख वर्ग किलोमीटर था जो अब मात्र एक लाख वर्ग किलोमीटर रह गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री यहां जम्मू प्रोविंस पीपुल्स फोरम (जपीपीएफ) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राष्ट्रवादी विचारधारा की सरकार है। जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ विलय हुआ कि नहीं यह महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है जम्मू-कश्मीर के पुराने स्वरूप को लौटाना। कश्मीर हिंसा पर कहा कि आठ जुलाई की घटना के बाद से यह कहा जाने लगा कि भाजपा-पीडीपी गठबंधन की वजह से हिंसा भड़की है। वस्तुस्थिति यह है कि भाजपा और पीडीपी को गठबंधन करने का आदेश जनता ने दिया है।
विचारधारा को त्यागे बिना विकास के एजेंडे पर सरकार का गठन किया गया है। यह समाज हित में गठबंधन है। आठ जुलाई के पहले भी तो इसी गठबंधन की सरकार थी तो फिर क्यों हिंसा नहीं भड़की। उन्होंने कश्मीर हिंसा के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पाक से शरारत की चिंगारी फैलाई जा रही है।
प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही कट्टरवाद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। जम्मू संभाग के किश्तवाड़, राजोरी और पुंछ में भी यह आग फैलाने की कोशिश की गई। समय है कि सामूहिक रूप से इस षडयंत्र को विफल किया जाए।