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पीएमओ राज्यमंत्री का बयान, 'जम्मू-कश्मीर को पुराने स्वरूप में लौटाना हमारा लक्ष्य'

Sun, 28 Aug 2016 11:46 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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ज‌ितेंद्र स‌िंह - फोटो : File Photo
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पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि रियासत के तीन नहीं बल्कि चार खित्ते हैं। पीओके तथा गिलगित-बाल्टिस्तान भी रियासत का ही हिस्सा है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के साथ ही यह भी रियासत का खित्ता है। महाराजा हरि सिंह की ओर से छोड़ी गई विरासत यानी संपूर्ण जम्मू-कश्मीर को अपने पुराने स्वरूप में लौटाना है।
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महाराजा के समय जम्मू-कश्मीर का क्षेत्रफल 2.24 लाख वर्ग किलोमीटर था जो अब मात्र एक लाख वर्ग किलोमीटर रह गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री यहां जम्मू प्रोविंस पीपुल्स फोरम (जपीपीएफ) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राष्ट्रवादी विचारधारा की सरकार है। जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ विलय हुआ कि नहीं यह महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है जम्मू-कश्मीर के पुराने स्वरूप को लौटाना। कश्मीर हिंसा पर कहा कि आठ जुलाई की घटना के बाद से यह कहा जाने लगा कि भाजपा-पीडीपी गठबंधन की वजह से हिंसा भड़की है। वस्तुस्थिति यह है कि भाजपा और पीडीपी को गठबंधन करने का आदेश जनता ने दिया है।
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विचारधारा को त्यागे बिना विकास के एजेंडे पर सरकार का गठन किया गया है। यह समाज हित में गठबंधन है। आठ जुलाई के पहले भी तो इसी गठबंधन की सरकार थी तो फिर क्यों हिंसा नहीं भड़की। उन्होंने कश्मीर हिंसा के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पाक से शरारत की चिंगारी फैलाई जा रही है।

प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही कट्टरवाद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। जम्मू संभाग के किश्तवाड़, राजोरी और पुंछ में भी यह आग फैलाने की कोशिश की गई। समय है कि सामूहिक रूप से इस षडयंत्र को विफल किया जाए। 
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घाटी में हालात जल्द होंगे सामान्य

कार्यक्रम में मौजूद डॉ. जितेंद्र सिंह - फोटो : Amar Ujala
सिंह ने आगे कहा कि जो लोग कश्मीर में जेहाद के नाम पर लोगों को भड़का रहे हैं वे अपने बच्चे को आगे क्यों नहीं करते हैं। वे तो अपने बच्चों को महानगरों में पाल रहे हैं। कश्मीरी युवाओं को इसे समझाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जम्मू के साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। यह विश्वास रखें। 

उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा को मई से सितंबर महीने तक खोला जाना चाहिए। इससे दर्शन करने वालों की संख्या तो बढ़ेगी ही साथ ही हमले का खतरा भी नहीं रह पाएगा। उन्होंने अमरनाथ तथा माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के पुनर्गठन की भी वकालत की। 

वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर घाटी में हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे। सुरक्षा बल पूरे संयम और निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। सरकार को उन पर तथा उनके कार्यों पर पूरा भरोसा है। घाटी में हिंसा भड़काने के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। छोटे-छोटे बच्चों को पथराव की घटनाओं में शामिल किया जा रहा है। लेकिन जो भड़का रहे हैं उनके बच्चे महानगरों में चैन की जिंदगी बिता रहे हैं। पत्रकारों के एक प्रश्न के जवाब में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल है। घाटी में जल्द ही सर्वदलीय समिति आएगी जो पूरी स्थिति का आकलन करेगी। केंद्र कश्मीर में हिंसा को लेकर पूरी संजीदगी के साथ काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ तौर पर कहा है कि आतंकवाद से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा लेकिन किसी भी बेकसूर लोगों को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा।   
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