जम्मू कश्मीर पीओजेके रिफ्यूजी फ्रंट 1947, 1965 और 1971 के झंडे तले शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी मांगों को लेकर रिफ्यूजियों ने प्रेस क्लब के बाहर धरना प्रदर्शन जारी रखा।
सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे रिफ्यूजियों ने आरोप लगाया कि नौ अगस्त, 2000 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिशों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए वित्त पैकेज को अभी तक रिफ्यूजियों को जारी नहीं किया जा रहा है।
प्रधान रछपाल सिंह चिब ने कहा कि पिछले 14 साल से पैकेज लागू नहीं किया जा रहा है। अब इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंडलायुक्त जम्मू और राजस्व मंत्री से आग्रह किया कि वह पूरे मामले की जांच करवाएं और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अपील की कि वह चुनाव आचार संहिता लगने से पूर्व पीओजेके रिफ्यूजियों के फाइनल सेटलमेंट को राज्य कैबिनेट से मंजूर करवाकर केंद्र सरकार को भेजें। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की अनदेखी की वजह से वे धरना प्रदर्शन जारी रखने को मजबूर हैं।