सांबा। परिसीमन आयोग की ओर से सांबा को एक अतिरिक्त विधानसभा सीट देने के प्रस्ताव के बाद अटकलों का बाजार गर्म होने लगा है। राजपुरा तहसील, सांबा की पांच पंचायत हलकों को रामगढ़ में बनने वाली विधानसभा सीट के साथ जोडे़ जाने का प्रस्ताव हैं।
इसको लेकर राजपुरा तहसील के लोगों में रोष बनता जा रहा है। वहीं इस संबंध में जब पूर्व मंत्री एवं सांबा के पूर्व विधायक यशपाल कुंडल से बात की तो उन्होंने परिसीमन रिपोर्ट में राजपुरा तहसील के लोगों के साथ हुई बेइंसाफी का जिक्र किया। कुंडल ने कहा की राजपुरा तहसील के लोग पहले हीरानगर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा रहे हैं। वह भी आरक्षित सीट थी। कुंडल ने कहा की वह राजपुरा के लोगों से भी मिले थे, वहां के लोग विकास की रह देख रहे है। वह हमेशा से ही आरक्षित सीट के साथ रहे है। इस बार वहां के लोगों को उम्मीद थी की उनकी सीट आरक्षण से बाहर होगी, लेकिन परिसीमन रिपोर्ट के बाद पता चला है की राजपुरा तहसील को रामगढ़ के साथ जोड़कर एक नई विधानसभा सीट बनाई गई है। इसका सीधा मतलब है की राजपुरा तहसील के लोग एक बार फिर आरक्षित सीट कहलाएं जाएंगे, जो उनके साथ एक बार फिर बेइंसाफी हुई है। कुंडल ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील करते हुए राजपुरा तहसील के लोगों के साथ इंसाफ करने के मांग की है।