सांबा के कंगवाला मे जाट सभा की बैठक मे सदस्य
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सांबा। सीमावर्ती गांव कंगवाला में अखिल भारतीय जाट महासभा की ओर से शनिवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता सभा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी मनमोहन सिंह ने की। उन्होंने सरकार से विधानसभा चुनाव कराने से पहले जाट समुदाय को ओबीसी का दर्जा देने का आग्रह किया।
मनमोहन सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 को जाट समुदाय को ओबीसी का दर्जा देने में बाधा के रूप में उद्धृत किया गया। अब जब 370 और साथ ही 35 ए हटा दिया गया है और पूरा अधिकार केंद्र सरकार के हाथों में है, तो सरकार जाटों से जुड़े इस मुद्दे पर ढुलमुल रवैया क्यों अपना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार बिना किसी देरी के ओबीसी का दर्जा प्रदान करने में विफल रहती है तो जाट समुदाय एक मजबूत आंदोलन का सहारा लेगा।
चौधरी मनमोहन सिंह ने स. दर्शन सिंह को चेयरमैन, तीरथ सिंह को अध्यक्ष, ओम सिंह को उपाध्यक्ष के रूप में नामित करके सांबा इकाई की सलाहकार समिति का पुनर्गठन किया। युवा शाखा में सतीश चौधरी को अध्यक्ष, सरपंच सुनील चौधरी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पंच संजीव चौधरी को महासचिव नामित किया गया। सांबा तहसील समिति मेें रतन लाल चौधरी को अध्यक्ष, सरपंच परवीन चौधरी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, लेक्चर (सेवानिवृत्त) गिरधारी चौधरी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और अधिवक्ता देविंदर सिंह सोनू को महासचिव नामित किया गया। राजपुरा तहसील समिति में अध्यक्ष के रूप में चौधरी दर्शन लाल, उपाध्यक्ष के रूप में दर्शन लाल राजपुरा और महासचिव के रूप में सुभाष चौधरी चुने गए।
बैठक के दौरान, रीना चौधरी को महासभा की सांबा महिला इकाई का अध्यक्ष चुना गया। बैठक में सरपंच, नायब सरपंच और पंच और जिला सांबा के प्रमुख व्यक्तियों ने सीमावर्ती निवासियों को आरक्षण प्रदान करने और ओबीसी स्थिति की लड़ाई में हर संभव समर्थन देने के लिए जाट महासभा के प्रयासों की सराहना की।