मीरां साहिब। आजादी के बाद पहली बार खाद्य पदार्थों पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाकर भाजपा सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब लोगों का आटा भी छीनकर रहेंगे। माकपा नेता किशोर कुमार ने कहा कि आटा, दाल और चावल पर जो टैक्स लगा है। उसके बाद पूरे देश में भारी आक्रोश है।
देश के प्रत्येक आदमी की जिम्मेदारी बनती है कि आटे और दाल पर टैक्स लगाने के विरोध में मोदी सरकार का विरोध करे। उन्होंने कहा कि देश की 50 करोड़ आबादी रोज खुला आटा खरीदकर पेट भरती है। आटा और दाल पर लगाया पांच प्रतिशत जीएसटी वापस लिए जाने पर दिहाड़ी लगा परिवार का खर्च चला रहे लोगों पर बोझ न बढ़। उन्होंने कहा कि महंगाई में हो रही बढ़ोतरी के चलते हर वस्तु महंगी हो गई है, लेकिन इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए मोदी सरकार हिंदू, मुसलमान, सिक्ख और ईसाई को लड़ाकर भूखों मारना चाहती है। रोटी हर धर्म के व्यक्ति को रोजाना चाहिए। इसका प्रबंध करना सरकार पर निर्भर है, पर सरकार अनदेखी कर रही है।