पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
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पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर में किसी तरह का कोई बंद या कर्फ्यू नहीं है। बहरहाल कुछ क्षेत्रों में पाबंदियां जरूर हैं। अगर कर्फ्यू होता तो लोगों को कर्फ्यू पास दिखाने चाहिए थे। जम्मू-कश्मीर ने अनुच्छेद 370 और 35-ए हटने के बाद आम लोग खुश हैं। कश्मीर में भी इसके बेहतर नतीजे सामने आ रहे हैं।
कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए माहौल को बिगाड़ने की फिराक में रहते हैं। जम्मू-कश्मीर को भारत से साथ संपूर्ण रूप से जोड़ा गया है। भारत विरोधी ताकतों को अब अपनी मानसिकता को बदलना होगा। यहां मंगलवार को केंद्र सरकार के सौ दिन के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर हुए डॉ. सिंह पत्रकारों से रूबरू हुए।
केंद्रीय मंत्री सिंह ने सरकार के ऐतिहासिक फैसलों पर एक मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के साथ एक किताब को जारी किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवा को जल्द बहाल करने पर काम किया जा रहा है। इसके लिए गृह मंत्रालय से बातचीत की जा रही है। कुछ अंतराल के लिए इंटरनेट सेवा को बहाल किया गया था, मगर कुछ राष्ट्र विरोधी ताकतों से गलत वीडियो वायरल कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की।
370 को हटाने के बाद से पाकिस्तान हताश
अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान हताश है। आतंकी बौखलाहट में हैं। देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने वाली ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। सीमा के भीतर और बाहर निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। केंद्र सरकार को घाटी में किस तरह की चुनौतियां मिल सकती हैं उस पर सोच-विचार किया जा रहा है। पाक गोलाबारी से जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए सीमा पर अत्याधुनिक बंकर स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें रसोई, शौच आदि सुविधाएं मुहैया होंगी। घाटी में एक माह में एक ही व्यक्ति की मौत हुई है। केंद्र सरकार ने जो सौ दिन में काम किए हैं वे सौ साल में नहीं हो पाए हैं। इसमें कई बड़ी परियोजनाओं को शुरू करने के साथ कई ऐतिहासिक उपलब्धियों को हासिल किया गया है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मामलों के खिलाफ भारत मजबूती से अपना पक्ष रखेगा।
पीओके में तिरंगा लहराएंगे
पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का अगला लक्ष्य पीओके में तिरंगा लहराना है। यह भाजपा का अगला एजेंडा है। 1994 में कांग्रेस की नृसिंह राव की सरकार के कार्यकाल में संसद में इस पर प्रस्ताव पारित किया गया था। पीओके के अपने क्षेत्र को भारत गंभीरता से ले रहा है।