पीएम पैकेज के तहत नियुक्त कर्मचारी कश्मीर संभाग से जम्मू के लिए स्थानांतरण की मांग पर राहत आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कहा कि उप-राज्यपाल का बयान दुखद है। सरकार अपना वेतन अपने पास रखे, क्योंकि हम जान जोखिम में डालकर कश्मीर में सेवाएं नहीं दे सकते हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि आतंकी संगठन एक तरफ हमारे नामों की सूची जारी कर रहे हैं, तो वहीं सरकार ऐसे हालात बना रही, ताकि कर्मचारी घाटी आने पर मजबूर हो जाएं। कर्मचारी सतीश रैना ने कहा कि कर्मचारियों में डर का माहौल है। सरकार नाम की सूची जारी करने वाले आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने की बजाय कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रही है। सरकार वेतन खुद रखे, लेकिन हमें सुरक्षित माहौल दे। कर्मचारियों ने कहा कि एक तरफ भाजपा नेता हमें आश्वासन दे रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ एलजी प्रशासन का रवैया इससे अलग है।
तबादला नीति बनने तक जारी रहेगा संघर्ष
जम्मू। जम्मू बेस्ड रिजर्व्ड इंप्लाइज ने तबादला नीति की मांग पर आंबेडकर चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जब तक हमारे लिए तबादला नीति नहीं बनेगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को दबा नहीं सकती है। एलजी का बयान दुखद है। कर्मचारी घाटी में सुरक्षित नहीं है।