पंचायत का सबसे पहला लक्ष्य गरीबी को पूरी तरह से दूर करना होना चाहिए। पल्ली पंचायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ग्राम सभा पीएम की पाठशाला बन गई, जिसमें प्रधानमंत्री ने गरीबी उन्मूलन, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तीकरण और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल पर जोर दिया।
करीब बीस मिनट तक चली ग्राम सभा में पंचायती नुमाइंदों ने विकास का रोडमैप और अब तक आए बदलाव की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रयास करे कि यहां कोई भी परिवार गरीब न रहे। सरकारी योजनाओं की मदद से ऐसे परिवारों की आर्थिक स्थिति में पंचायत सुधार लाए। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि अपने गांव के खेतों में रासायनिक खाद के इस्तेमाल से परहेज करें। पीएम के समक्ष जब पंचायत प्रतिनिधि नर्वस हुए तो मोदी ने खुलकर बात करने को कहा। उन्होंने महिला पंच सुनीता से अपनी बात रखने को कहा। सुनीता ने कहा कि गांव में उनके पास केवल गली और नाली निर्माण का काम ही ज्यादा होता है, इस पर पीएम ने गुजरात की एक महिला आरक्षित पंचायत का उदाहरण दिया। पीएम ने कहा कि उस पंचायत में सबसे पढ़ी लिखी प्रतिनिधि पांचवीं पास थीं, लेकिन जब गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर महिला ने उनसे प्रश्न किया तो वह दंग रह गए। यह दर्शाता है कि महिलाओं के पास व्यवहारिक ज्ञान और विचारों का भंडार है। पंचायत में 50 फीसदी महिलाएं चुनकर आएं तो कल्पना की जा सकती है कि विकास कितना तेज हो जाएगा।
सरपंच की सतर्कता को सराहा
प्रधानमंत्री ने पंचायती नुमाइंदों से कहा कि पल्ली देश का पहला कार्बन न्यूट्रल गांव बन गया है। सरपंच रणधीर शर्मा ने जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री जी, पल्ली पंचायत अभी पूरी तरह से कार्बन न्यूट्रल गांव नहीं बनी है, लेकिन प्रयास है कि एक साल में यह बन जाएगा। सौर ऊर्जा प्लांट के साथ ही पल्ली पंचायत में इलेक्ट्रिक बस व इलेक्ट्रिक ऑटो लगाए जा रहे हैं। हर घर में सोलर कूकर वितरित किए गए हैं। सरपंच की सतर्कता की प्रधानमंत्री मोदी ने सराहना की। प्रधानमंत्री को बताया गया कि पल्ली पंचायत देश का ऐसा पहला पंचायती गांव है, जहां भूमि रिकॉर्ड का सौ फीसदी डिजिटलीकरण पूरा कर लिया गया है।
पंचायत में नौ तालाबों का हो रहा जीर्णोद्धार
प्रधानमंत्री ने पल्ली पंचायत में अमृत सरोवर योजना को भी अमलीजामा पहनाने को कहा। इस पर सरपंच व पंचों ने बताया कि पल्ली पंचायत के क्षेत्राधिकार में नौ तालाब हैं। दो तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। शेष सात तालाबों को अमृत सरोवर योजना के तहत अगले दो सालों में बहाल किया जाएगा। प्रधानमंत्री को बताया गया कि गांव में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना, किसान सम्मान निधि, हर घर जल व अन्य योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। ग्राम सभा पल्ली के सरपंच, नायब सरपंच बनारसी लाल, पंच अनिल कुमार, मोहिंद्र कुमार, रानी देवी, यशपाल, सुनीता देवी, नरेश कुमार शर्मा ने ग्राम सभा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह व ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कपिल भी मौजूद रहे।
सबका साथ-सबका विकास का सबसे बड़ा उदाहरण है पल्ली
ग्राम सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया गया कि पल्ली में राष्ट्रीय पंचायत सम्मेलन की तैयारियां पिछले कई दिनों से जारी हैं। इन तैयारियों में बड़ी संख्या में लोग लगे हुए थे। पल्ली पंचायत में कोई ढाबा नहीं हैं। ऐसे में गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से पिछले दस दिनों से लंगर सेवा शुरू की है, ताकि गांव से कोई भूखा न जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने पल्ली पंचायत के लोगों की लंगर सेवा की सराहना करते हुए अपने भाषण में इसका खासतौर से उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि पल्ली पंचायत सबका साथ-सबका विकास का सबसे बड़ा उदाहरण है क्योंकि यहां के लोगों ने घर-घर से रोटी इकट्ठा कर लोगों को भोजन कराया।