श्रीनगर में बाढ़ में करीब 80 खिलाड़ियों को सेना ने बुधवार को सुरक्षित निकाल लिया। इन बच्चों के लिए पिछले पांच दिन से बख्शी स्टेडियम की तीसरी मंजिल सांसे जारी रखने के लिए सहारा बनी हुई थी। बच्चों ने जूडो गद्दे पानी में डालकर थोड़ी आगे आने की कोशिश की।
लेकिन पानी तीसरी मंजिल तक पहुंच जाने से ऐसा संभव नहीं हो पाया। बुधवार देरशाम को सभी खिलाड़ियों को तकनीकी एयरपोर्ट श्रीनगर में ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इस बीच जम्मू में एसएमएस और मोबाइल फोन से बच्चों से संपर्क होने पर अभिभावकों को राहत मिली। दिनभर अभिभावक तकनीकी एयरपोर्ट जम्मू के बाहर लाडलों के आने के इंतजार में जुटे रहे।
कुलदीप राज शर्मा ने बताया कि गत तीन सितंबर को श्रीनगर में अंडर 19 खेल स्पर्धाओं के लिए उनका बेटा वंशदीप शर्मा गया था। उसे सात सितंबर को वापस आना था। लेकिन कई दिन से उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। बुधवार सुबह उसका मोबाइल पर मैसेज आया कि मैं अब सेफ हूं।
लेकिन बात नहीं हो सकी है। इसी तरह ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा अभिषेक शर्म वुशू प्रतियोगिता के लिए गया था। आज सुबह उसका फोन आया कि मैं सेफ हूं।
ये लोग फंसे थे बाढ़ में
इस बीच श्रीनगर में शाम करीब साढ़े छह बजे बख्शी स्टेडियम से निकालकर एयरपोर्ट जा रहे बच्चों में विश्व, कौशल, मुनीश, मंजीत सिंह, बाबू सिंह, लाल चंद शर्मा, ज्योति, साक्षी सभी निवासी कठुआ, हरीश निवासी हीरानगर, शुभ वर्मा, अभिषेक, मुजमिल, इकबाल जाफर, प्रिया, अंजलि, अनुराधा, सिमी, तरुण, सपना, वंश, तुषार, सीमा, संजना आदि ने सेना का आभार जताया।
इसके अलावा कुछ अन्य खिलाड़ियों को एयरपोर्ट के पास जैकलाई सेंटर में भी ठहराया गया है। जम्मू में देरशाम अभिभावकों के शिष्टमंडल ने खेल मंत्री रमण भल्ला से मुलाकात बच्चों को शीघ्र सकुशल जम्मू पहुंचाने की मांग की। देर शाम तक अभिभावक तकनीकी एयरपोर्ट जम्मू के बाहर बच्चों का इंतजार कर रहे थे।