जम्मू। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों में निर्धारित समय-सीमा के अंदर ई-ऑफि स स्थापित करने की सलाह दी। इस क्षेत्र के मुख्यमंत्रियों और आईटी मंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित वेबिनार में डॉ. सिंह ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन के दृष्टिकोण को पूरा करेगी। साथ ही प्रशासन, पारदर्शिता और नागरिक केंद्रित वितरण तंत्र को सुगम बनाएगी। यह डिजिटल इंडिया का एक बुनियादी स्तंभ भी है। अब तक भारत सरकार के 55 मंत्रालयों ने इसे लागू किया है।
शिलांग घोषणा पत्र के बारे में कहा कि इसकी मुख्य प्राप्ति ई-ऑफि स को बढ़ावा देना और इसकी सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना थी और अब इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने का समय आ गया है। मंत्री ने सभी राज्यों में नागरिक सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक ई-ऑफि स मिशन को लागू करने के लिए सभी तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। इस ऑफि स परियोजना को आगे ले जाने के लिए सचिव, डोनर की अध्यक्षता में संयुक्त संचालन समिति बनाने की भी घोषणा की। ई-ऑफि स परियोजना को लागू करने और इसके लिए उपाय सुझाने के लिए एआरपीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, एनआईसी, एनईसी और सभी 8 पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधि इस समिति का हिस्सा होंगे।
डॉ. सिंह ने कहा कि 75 केंद्रीय मंत्रालयों-विभागों में ई-ऑफि स की प्रगति से डिजिटल केंद्रीय सचिवालय का निर्माण संभव हुआ, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि लॉकडाउन की अवधि में वर्क फ्र ॉम होम संभव है। पूर्वोत्तर राज्यों के राज्य सचिवालयों में ई-ऑफि स के कार्यान्वयन से कागज रहित राज्य सचिवालय का निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा होगा। वेबिनार में डीएआरपीजी के सचिव डॉ. के शिवाजी, सचिव-डोनर डॉ. इंद्रजीत सिंह, अतिरिक्त सचिव डीएआरपीजी जया दुबे, संयुक्त सचिव डीएआरपीजी और अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।