जल आपूर्ति के पाइप बिछाने के लिए गांव रेइयां में खोदी गई गलियां, मरम्मत न होने से लोगों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। 500 घर। एक हजार आबादी। चार गलियां और सभी में खोदाई। ये हालात हैं शहर से सटे गांव रेइयां के। यहां एक विकास कार्य के लिए दूसरे विकास कार्य का विनाश कर दिया गया है। छह महीने पहले गांव में हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत पानी आपूर्ति के पाइप बिछाने के लिए ठेकेदार ने गलियों को खोद दिया था। अब बरसात में यहां कीचड़ हो रहा है लेकिन इन गलियों को समतल नहीं किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि जिस काम के लिए गलियों को खोदा गया वो भी पूरा नहीं हो पाया है। पाइप तो बिछ गए हैं लेकिन कनेक्शन न होने से लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचा है। गलियों की मरम्मत नहीं होने से लोगों में रोष है और जिम्मेदार ठेकेदार के पाले में गेंद फेंक रहे हैं।
गांव रेइयां के लोगों का कहना है कि गलियों को खोदने के अलावा कई पक्के मार्ग भी तोड़ दिए गए हैं। उनकी भी आज तक मरम्मत नहीं करवाई जा सकी है। लोगों ने सरकार से गलियों की जल्द से जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत गलियों व मार्गों के किनारों पर जल आपूर्ति के लिए पाइप बिछाए जा रहे हैं। मगर जिन गलियों व मार्गों पर पाइप बिछाए जा रऐ हैं, वहां पर बने गड्ढों को नहीं भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
पहले से तंग थी गलियां नहीं हुई मरम्मत : लोग
गांव के विजय सिंह, अनीता देवी, आशा देवी और गौरव ने बताया कि उनके गांव में छह महीने पहले पाइप बिछाए गए थे। उनकी गलियां पहले से ही तंग थीं, ऊपर से इनको एक किनारे से खोद दिया गया है। अब इनकी मरम्मत ही नहीं करवाई जा रही है। इसको लेकर लोगों को गांव से बाहर आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मोटरसाइकिल से हर वक्त गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस बारे में जिला प्रशासन को भी अवगत करवाया है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया है। बारिश के दौरान गलियों में जलभराव पर हादसे हो रहे हैं।
हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत पाइप बिछाने का ठेका दिया गया है। गलियों में खुदाई करने के बाद इनको ठीक करने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। अलाट किए काम में यदि मरम्मत का कार्य शामिल होता है, तो टूटी गलियों की मरम्मत भी ठेकेदार ही करेगा।
फारूक खान, एईई, जलशक्ति विभाग सांबा