शव मिलते ही तरेबा गांव में छाया मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। उफनते नाले में डूबे तरेबा गांव के युवक का शव रविवार तड़के घटनास्थल से 300 मीटर दूर मिला। नाले का जलस्तर कम होते ही रविवार तड़के 5 बजे युवाओं ने अपने स्तर पर तलाशी अभियान चलाकर शव बरामद किया।
शव घर पहुंचते ही गांव में मातम छा गया। जब पुलिस पोस्टमार्टम के लिए शव को ले जाने लगी तो घरवालों ने पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। पुलिस ने घरवालों के बयान लेने के बाद शव उनके सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि तरेबा और शेरे चक के बीच गुजरते नाले में शनिवार को लखविंदर सिंह पानी के तेज बहाव के कारण बह गया था। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने रात 8.30 बजे तक नाले को खंगाला था, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा था। लोगों ने सरकार से लखविंदर के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।
पांच साल से नहीं बना पुल : पूर्व सरपंच
गांव तरेबा की पूर्व सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि घटनास्थल वाली जगह पर पिछले 5 साल से पुल बनाने की मांग की जा रही है। इसके लिए सरकार और पीडब्ल्यूडी विभाग से संपर्क बनाए रखा गया है। परंतु ग्रामीणों की समस्या को हमेशा नजरअंदाज किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सीमावर्ती लोगों को पुल की सुविधा दी गई होती तो आज लखविंदर कुमार की जान बच जाती। उन्होंने कहा कि घटनास्थल वाली जगह पर जल्द पुल मंजूर करना चाहिए।