संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। पालतू पशुओं को पंजीकृत करवाने के लिए लोगों में जागरूकता का अभाव है। पिछले साल नवंबर में नगर निगम की ओर से आवेदन मांगे गए थे, अब तक एक भी आवेदन नहीं पहुंचा। हालात ऐसे हैं कि 8 हजार पालतू कुत्तों में से केवल 2500 पंजीकृत हैं। ऐसे में अधिकारी सख्ती के मूड में हैं। एमवीओ डॉ. दिव्या शर्मा ने कहा कि कि अगर पशुओं का पंजीकरण नहीं करवाया तो 5 हजार का चालान किया जाएगा। इसलिए लोगों को जल्द आवेदन करना चाहिए।
इसके अलावा निगम की ओर से एडवाइजरी जारी कर पिटबुल, अमेरिकन पिटबुल व रॉटविलर ब्रीड को घर में रखने से मना किया है। यही नहीं, पार्कों में कुत्तों को घुमाने पर भी पाबंदी लगाई है। साथ ही मालिकों को हिदायत दी गई है कि कुत्तों के रहने, खाने, इलाज व नसबंदी का ध्यान रखें। वहीं, निगम तीन साल में अब तक 50 हजार आवारा कुत्तों में से 36700 की नसबंदी कर चुका है। इसके लिए एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल ), एआरवी (एंटी रेबीज वैक्सीनेशन) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। फ्रेंडिकोइस-एसईसीए (पशु कल्याण संगठन दिल्ली) का ठेका मार्च में खत्म होगा।