हाईकोर्ट के जस्टिस वीरेंद्र सिंह और जस्टिस मुजफ्फर हुसैन अत्तर की खंडपीठ ने 18 साल बाद हत्या के मामले में एक आपराधिक अपील का फैसला करते हुए आंशिक रूप से अपील को अनुमति दे दी।
अपील के अनुसार सरायन सिंह, विजय सिंह, जगतार सिंह उर्फ जग्गा, रविंदर सिंह उर्फ पीटर, नरोत्तम सिंह उर्फ बिल्लू, केहर सिंह, लाल सिंह, ओमकार सिंह (अब नहीं रहे), वकील सिंह (अब नहीं रहे), प्रदीप सिंह उर्फ डोढो, मनोहर सिंह उर्फ टूटी और संगरूर सिंह उर्फ मखनू के खिलाफ काना चक थाना में आरपीसी की धारा 302, 307, 148, 149, 201 और 3/25, 4/27 आर्म्स एक्ट के तहत वर्ष 1993 में मामला दर्ज किया गया था।
वर्ष 1996 में सेशन जज जम्मू की अदालत ने अरोपी सरायन सिंह, विजय सिंह, जगतार सिंह उर्फ जग्गा, रविंदर सिंह उर्फ पीटर, नरोत्तम सिंह उर्फ बिल्लू, केहर सिंह, लाल सिंह, ओमकार सिंह (अब नहीं रहे), वकील सिंह (अब नहीं रहे), प्रदीप सिंह उर्फ डोढो को दोषी पाते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
उल्लेखनीय है कि तत्काल अपील के लंबित होने के दौरान ओमकार सिंह और वकील सिंह की सामान्य मौत हो गई। इसी कारण अपील में सरायन सिंह, विजय सिंह, जगतार सिंह उर्फ जग्गा, रविंदर सिंह उर्फ पीटर, नरोत्तम सिंह उर्फ बिल्लू, केहर सिंह, लाल सिंह, प्रदीप सिंह और मनोहर सिंह बच गए।